पाकिस्तानी नागरिक जावेद को सोमवार को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। उसने कबूल किया कि वह गलत तरीके से भारत में प्रवेश कर रहा था। जावेद के अधिवक्ता ने कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र दिया जल्द रिहा किए जाने की अपील की।
पाकिस्तानी नागरिक जावेद को 23 अक्टूबर को पुलिस के सहयोग से सुरक्षा एजेंसियों ने सोनौली बॉर्डर से गिरफ्तार किया था। उसके पास ने तो वीजा था न ही पासपोर्ट। तलाशी के दौरान उसके पास से विदेशी मुद्रा, मोबाइल चार्जर और लैपटॉप भी मिला था। पुलिस ने मामले में विदेशी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था।
पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों ने जावेद पर आईएसआई एजेंट के शक में 28 अक्टूबर को रिमांड पर लिया था। पांच दिन तक पुलिस लाइंस में ‘रा’ समेत कई सुरक्षा एजेंसियों ने उससे पूछताछ की थी। इस बीच बीएचयू के प्रोफेसर डॉ. राजेश सिंह का भी आमना सामना कराया गया था।
पूछताछ में आईएसआई एजेंट की पुष्टि न होने पर उसे जेल भेज दिया गया था। जावेद के अधिवक्ता एटी पांडेय ने बताया कि सोमवार को उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के वहां पेश किया गया। जहां उसने अपने अधिवक्ता के माध्यम से एक जुर्म स्वीकारोक्ति प्रार्थना पत्र कोर्ट को दिया। जिसमें उसने कबूल किया कि वह गलत तरीके से भारत में प्रवेश कर रहा था। अधिवक्ता ने जावेद के बीमारी का हवाला देकर कम से कम सजा की मांग की है।