आक्रोशित किसानों ने बाईपास के लिए हो रहे कार्यों को रोक दिया।
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पुरन्दरपुर। थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बोकवा मोहनापुर में किसानों के भूमि पर पीएनसी कंपनी सोमवार की देर रात बाईपास के निर्माण के लिए काम कराना शुरू कर दिया था। मंगलवार को भोर में काम होते देख गांव के किसान हतप्रभ रह गए। आक्रोशित किसानों ने बाईपास के लिए हो रहे कार्यों को रोक दिया। किसानों ने कहा कि बिना मुआवजा मिले अपने जमीन पर बाईपास नहीं बनने देंगे।
गोरखपुर-सोनौली राजर्माग-29 पर लगभग एक बर्ष से फोर लेन व टू लेन के चौड़ीकरण का काम पीएनसी कंपनी करा रही है। कंपनी हाईवे के निर्माण के लिए पुरंदरपुर में अपना प्लांट बैठा लिया है। जहां से काम का संचालन किया जाता है। मोहनापुर में रेलवे समपार फाटक को देखते हुए एनएचएआई ने बाईपास के निर्माण के लिए ग्राम पंचायत बोकवा, मोहनापुर, थरौली बुर्जग, बेलवा बुर्जुग के किसानों की जमीन का सर्वे कर लिया था।
किसानों की उपजाऊ जमीन का मुआवजा दिए जाने की बात सर्वे के समय बताई गई थी। किसानों ने भी मुआवजा की मांग जिले के अधिकारियों से की थी। आश्वासन मिला था कि मुआवजा देने के बाद ही कंपनी बाईपास के निर्माण के लिए काम शुरू करेगी। इधर, सोमवार की रात जब बोकवा मोहनापुर के किसान खाना खाकर सो गए तो कंपनी अपने लेबर व अधिकारियों को लगा कर रात में गड्ढे खोद कर पिलर लगवाना शुरू कर दिया। मंगलवार को भोर में गांव के किसान पीएनसी कंपनी केे कारनामे को देख हतप्रभ रह गए।
इस संबंध में उपजिलाधिकारी नौतनावां आलोक मिश्रा ने कहा कि मामला पीडब्लूडी का है। वह मुआवजे के बारे में कुछ नहीं कह सकते। पीएनसी कंपनी के जीएम एसएन यादव ने कहा कि दो महीने से रुपये आकर पड़े हैं। लेकिन हड़ताल के कारण रुपये किसानों तक नहीं पहुंचा पाए। लेकिन अब मुआवजा को देकर ही काम कराया जाएगा।