सोनौली। सोमवार को नेपाल पुलिस ने काठमांडू के होटल से चरस तस्करों के ऐसे रैकेट को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है जिसने चरस की तस्करी के लिए वौद्ध धर्म के किताबों के कवर पृष्ठ का इस्तेमाल किया था। कवर पर ही लेप कर एक दो नहीं 35 किलो चरस भारत से होते हुए यूरोप भेजने की योजना थी।
काठमांडू की क्राइम ब्रांच पुलिस की टीम ने मुखबीर की सुचना पर एक होटल में छापा मार कर बुद्धिष्ट के भेष में दो लोगों को हिरासत में लिया। इनके पास से भारी तादाद में बौद्ध धर्म के किताबें बरामद हुई। गहनता से जांच में किताबों के कवर पर लेपा गया चरस बरामद हुआ जिसका कुल वजन 35 किलो था।
नेपाल क्राइम ब्रांच ने बताया कि चरस के इस खेप को भारत के कुशीनगर होते हुए यूरोप भेजने की योजना थी। क्राइम ब्रांच के पुलिस अधीक्षक केसव न्यौपाने ने बताया की सूचना मिली थी की दो संदिग्ध लोग काठमांडू के एक होटल में चरस के साथ रुके है।
इस सूचना पर टीम ने छापा मार कर उनके पास से भारी तरदाद में बौद्ध धर्म की किताबें बरामद की। किताबें काफी मोटी और वजनदार थी। बारीकी से जांच में किताबों की कवर पर चरस की मोटी लेप मिली । पूछताछ में दोनों ने अपना नाम साइमन तमांग और धनबहादुर निवासी नेपाल बताया ।
पूछताछ में बताया की यह चरस इसी तरह लुम्बिनी और फिर वहां से सोनौली के रास्ते कुशीनगर ,बोधगया होते हम कोलकाता पहुंचा देते । वहां से दूसरा आदमी इसे यूरोप पहुंचा देता । यह दोनों इतनी चालाकी से बुद्धिष्ट के रूप में थे कि इन्हें रास्ते में पकड़न पाना मुश्किल होता। पूछताछ के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।