महराजगंज। राज्य कर्मचारी का दर्जा या 18 हजार रुपये मानदेय आदि मांगों को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट के समक्ष महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के लोगों ने धरना दिया तथा मुख्यमंत्री के नाम संबोधित नौ सूत्रीय ज्ञापन डीएम को दिया।
जिलाध्यक्ष अमीरून निशा ने कहा कि लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेडियम में मजदूर दिवस पर मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कर्मियों की तीन मांगे मान लेेने और शेष मांगों के निस्तारण के लिए कमेटी बनाने की घोषणा की थी। लेकिन आज तक न तो कमेटी बनाई गई और न ही मांगों पर कोई विचार किया गया।
अमीरून निशा ने सेवानिवृत्त के बाद पूरे प्रदेश में पेंशन योजना लागू करने और राज्य कर्मचारी के बराबर स्वास्थ्य अवकाश की सुविधा की मांग उठाई। मृत्यु के उपरांत परिवार की किसी महिला को नियुक्त करने और हौसला पोषण योजना का खाता एकल करने की मांग की।
उन्होंने विभागीय मीटिंग में शामिल होने पर टीए-डीए और जून का अवकाश दिलाने की मांग की। ड्यूटी बीएलओ व गैर कार्यों में न लगाया जाए उन्होंने कहा कि मांगंे शीघ्र पूरी नहीं की गईं तो सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे।
जिला संरक्षण राधेश्याम मौर्या ने कहा कि जिले में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। शासनादेश के अनुसार डीपीओ, सीडीपीओ, मुख्य सेविकाओं को उनके तैनाती स्थल पर रात्रि निवास करना है। लेकिन सभी लोग जिला मुख्यालय पर ही जमे रहते हैं। इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
इस दौरान रुक्मिणि सिंह, पूनम, संगीता, छाया भारती, ज्ञानमती, संगीता सिंह, राजेश चौधरी, सरोज जायसवाल, राधिका, उर्मिला, बिंदू, सीमा जायसवाल आदि उपस्थित रहीं।