महराजगंज। अवैध संबंधों में छह साल पहले हत्या के मामले में कोर्ट ने एक अभियुक्त को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अर्थदंड की धनराशि मृतक के पिता को कोर्ट ने देने का आदेश दिया है।
निचलौल थाना क्षेत्र के गेठियहवा निवासी उत्रीचंद यादव ने चार दिसंबर 2010 को निचलौल थाने में मुकदमा दर्ज कराया कि उनकी मशीनरी पार्ट्स की दुकान है।
घटना के दिन उनके बेटे उपेंद्र यादव का मित्र आलोक कुमार गुप्ता अपने साथी महातम यादव के साथ दुकान पर आ या। वादी के पुत्र को देवी दर्शन के बहाने अपने साथ बाइक से ले गया। तीन बजे वादी को सूचना मिली कि उसका पुत्र घायलावस्था में गांव के पास पड़ा है। मौके पर पहुंच तो उपेंद्र ने बताया कि आलोक कुमार गुप्ता निवासी मारवाड़ी मुहल्ला निचलौल व महात्तम यादव ने मिलकर पिलास व पेचकस से मारा है। दवा इलाज के दौरान दूसरे दिन उपेंद्र की मौत हो गई।
विवेचक ने आलोक व महातम के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। विचारण के दौरान एक को बाल अपचारी घोषित कर दिया गया तथा उसकी पत्रावली जुवेनाइल कोर्ट में विचारधीन है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता आशाराम पांडेय ने दर्जनों गवाहों को पेश कर सजा की मांग की। अपर सत्र न्यायाधीश संजय कुमार डे ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की धनराशि मृतक के पिता को देने के लिए आदेश दिया।