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‘काल’ बनकर आई मिस्ड कॉल

Mon, 07 Mar 2016 01:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, महराजगंज
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राम चंदर की मौत पर रोते बिलखते परिजन - फोटो : व‌िनाोद
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फरेंदा के कम्हरिया खुर्द के सेमराडाड़ी टोले के लिए शनिवार की रात ऐसी भयावह घटना का सबब बन गई, जिसे गांव के लोग लंबे समय तक भुला नहीं सकेंगे। लापरवाही की बिजली ने तीन जानें लील लीं।
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लाइनमैन की जगह ट्रांसफार्मर दुरुस्त कर गया प्राइवेट लाइनमैन इनके लिए यमदूत बन गया। एक ही रात में तीन मौतों से पूरा गांव स्तब्ध है। रामचंदर के मोबाइल पर रात तीन बजे आई मिस्ड कॉल उसके लिए मौत की घंटी बन गई तो वहीं मोबाइल चार्ज करने की कोशिश में दिलीप और उनकी पत्नी ममता को जान गंवानी पड़ गई।

कम्हरिया खुर्द के सेमराडाड़ी टोले में रविवार की सुबह मातम लेकर आई। गांव में सिसकियां रुकने का नाम नहीं ले रही है। लोग उस समय को कोस रहे हैं। जब वह लाइनमैन तार जोड़ने आया। दिलीप और उसकी पत्नी ममता का करंट के चलते आपस में चिपका शव जिसने भी देखा, तड़प उठा। अभी साल भर पहले इस दंपति का गौना हुआ था। इस हादसे से न सिर्फ सेमराडाड़ी में मातम पसर गया है बल्कि गोरखपुर के झंगहा के भुसहल चौराहा स्थित ममता के मायके में भी आंसू बह रहे हैं। वहीं रामचंदर की मौत से उनका इकलौता बेटा देवनाथ (14) अनाथ हो गया है। 
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दिलीप के परिवार वाले इस घटना से गहरे सदमे में हैं। पिता मोतीलाल तीन बेटों में सबसे छोटे दिलीप की मौत पर यकीन ही नहीं कर पा रहे हैं। वह बार-बार रोते-रोते सुध बुध खो दे रहें है। मोतीलाल और उनकी बेटी सुनीता यही रट रहे थे कि सबने रात में साथ बैठकर हंसी-खुशी खाना खाया था। दिलीप की मां पार्वती देवी को बेटे-बहू की मौत की जानकारी पीपीगंज स्थित अपने मायके में हुई तो मानों उन पर वज्रपात हो गया। ममता के मायके वाले भी हादसे की सूचना पर गांव पहुंच गए। गांववाले बिजली विभाग के खिलाफ गुस्से में हैं। 
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