सदर कोतवाली थाना क्षेत्र में हत्या मामले में इंस्पेक्टर श्रीकांत राय ने युवक अख्तर को गिरफ्तार कर लिया।
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महराजगंज। सदर कोतवाली पुलिस ने आठ फरवरी को सिसवां बाबू गांव के पास सड़क के किनारे हत्या कर फेंकी मिली लाश के मामले का पर्दाफाश कर दिया है।
इंस्पेक्टर श्रीकांत राय ने बताया कि शव की शिनाख्त बरियारपुर निवासी मेहताब के रूप में हुई थी।
जांच के दौरान उसी के गांव के अख्तर की तरफ शक की सूई घूम गई। उसको हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो पूरी कहानी खुल गई। उधार के एक लाख रुपये नहीं लौटाने पर अख्तर ने मेहताब की हत्या कर शव सिसवां बाबू गांव के पास सड़क के किनारे फेंक दिया था। मंगलवार को उसे जेल भे दिया गया।
इंस्पेक्टर श्रीकांत राय ने बताया कि मेहताब के पिता की तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अख्तर के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। 13 फरवरी को बरियारपुर निवासी अख्तर के घर पर छापा मार कर उसके पास से हत्या में प्रयुक्त चाकू, मृतक की बाइक व मोबाइल फोन बरामद किया गया। पुलिस ने अख्तर से पूछताछ की तो उसने बताया कि उधार की रकम नहीं देने पर उसकी हत्या की है।
अख्तर ने पुलिस को सिलसिलेवार घटना क्रम की जानकारी दी। उसने बताया कि सउदी अरब में बरियारपुर निवासी मेहताब और वह दोनों मिलकर काम करते थे। वहीं से दोस्ती प्रगाढ़ हो गई थी। अख्तर ने बताया कि मेहताब कुछ माह पहले उससे एक लाख रुपये उधार लिया था।
काफी दिन बीत जाने के बाद तकादा किया टाल मटोल करने लगा। काफी प्रयास के बाद भी मेहताब रुपये लौटा नहीं रहा था। आखिरकार उसने मेहताब को ठिकाने लगाने की ठान ली। योजना के मुताबिक, उसे सात फरवरी की रात में खूब शराब पिलाई और किशुन दयाल के गेहूं के खेत में मार कर फेंक दिया। उसकी शिनाख्त न हो सके, इसके लिए उसके चेहरे पर उसी का ऊनी स्वेटर रख कर आग लगा दी जिससे उसका चेहरा भी झुलस गया था।