महराजगंज। नौ साल पहले सोनौली क्षेत्र में गिट्टी व्यवसायी की हत्या के
मामले में कोर्ट ने चार अभियुक्तों को सश्रम आजीवन कारावास और अर्थदंड से
दंडित किया है।इस हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त नन्हें खां उर्फ असरारुल हक
गोरखपुर के परसामीर में राजेश सिंह की हत्या के मामले में भी आरोपी है।
सोनौली
निवासी एजाज अहमद कुनसेरवा में गिट्टी और बालू व्यवसाय करते थे।इसके
लेनदेन में 3.70 लाख रुपये नन्हें खां उर्फ असरारुल हक को एजाज को देने थे।
पांच सितंबर 2007 की शाम नन्हे खां के अलावा, पप्पू उर्फ एजाजुल हक, बबलू
उर्फ रुकमद्दीन अली व फैज अहमद एजाज के घर गए।
यहां इन लोगों ने एजाज को दो
लाख रुपये का चेक दिया और कहा कि इसका भुगतान पंजाब नेशनल बैंक
रामकोला (कुशीनगर) से होगा। दूसरे दिन अभियुक्तों ने एजाज को रामकोला ले
जाने के लिए अपने प्लाट पर बुलाया। वहां से सभी रामकोला गए और बैंक से दो
लाख रुपये निकालकर सोनौली पहुंचे।
रुपये निकालने की जानकारी एजाज ने अपने
पिता को मोबाइल फोन से बताई। रात में सोनौली बाईपास पहुंचने पर नन्हें खां
ने एजाज की गोली मारकर हत्या कर दी। इसे हादसे का रूप देने के लिए उसकी
मोटरसाइकिल मंगाकर एजाज के ऊपर गिरा दी गई। इस मामले में एजाज के भाई ने
हादसे की धाराओं में केस दर्ज कराया।
लेकिन बाद में पिता को जानकारी हुई कि
उसके बेटे एजाज की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस पर उन्होंने चारों पर
हत्या, शव छिपाने, बलवा व अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया।
इस मामले
में शासकीय अधिवक्ता अजीत कुमार सिंह ने 17 गवाहों को पेश किया और
अभियुक्तों की सजा की मांग की। जिस पर अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम गोविंद
वल्लभ शर्मा ने चारों अभियुक्तों नन्हें खां उर्फ असरारुल हक, पप्पू उर्फ
एजाजुल हक, बबलू उर्फ रुकमद्दीन अली और फैज अहमद को सश्रम आजीवन कारावास की
सजा सुनाई। इसके साथ ही इन सभी पर दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
है।