पुरंदरपुर क्षेत्र के रोहिन नदी में प्रधान प्रतिनिधि का शव मिलने के बाद घर पर लगी लोगों की भीड़।
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लक्ष्मीपुर/पुरंदरपुर। लक्ष्मीपुर ब्लाक के मझार क्षेत्र में रोहिन नदी के अमहवां घाट पर मंगलवार करीब 3 बजे मूर्ति विसर्जन के दौरान पैर फिसलने से डूब गए काशीराम महदेवा के पूर्व प्रधान का शव बुधवार की दोपहर कुड़िअहवा बांध के ठोकर मोड़ के पास से ग्रामीणों ने ढूंढ निकाला। हादसे में तीन लोग डूबे थे। दो युवकों का शव ग्रामीणों ने मंगलवार को ही निकाल लिया था। प्रधान पुत्र का शव न मिलने के कारण ग्रामीण पूरी रात जनरेटर लगाकर नदी में छलांग लगते रहे।
पुरंदरपुर थाना के काशीराम महदेवा के पूर्व प्रधान व ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संजय चौधरी उर्फ संजीव (35) मंगलवार को लक्ष्मी जी की मूर्ति विसर्जन के लिए रोहिन नदी के अमहवा घाट पर गए थे। विसर्जन के दौरान मूर्ति लेकर दर्जन भर युवक नदी में उतर गए कि तभी मूर्ति का संतुलन बिगड़ गया। संजीव, मोनू और सजन का पैर फिसल गया और तीनों नदी में डूब गए। तीनों को नदी में डूबते देख अन्य लोगों ने उन्हें बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी।
मोनू व सजन को नदी से बाहर निकाल लिया गया। बाद में बनकटी के चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जबकि प्रधान प्रतिनिधि का पता नहीं चल पाने से लोग घबरा गए। पुलिस की लापरवाही देख गांव वालों ने खुद तलाशी अभियान की कमान संभाल ली। पूरी रात हैलोजन के उजाले में तलाश होती रही। फिर भी दोपहर तक सफलता हाथ नहीं लगी थी।
अचानक कुछ ही पलों बाद जब रानीपुर मझार के दो दर्जन साहसी युवक एक दूसरे के हाथों में हाथ (कक्कन) बांध कर नदी में उतरे और एक छोर से दूसरे छोर तक गहनता के साथ तलाश करने लगे। एक किमी दूर कुड़िअहवा बांध के पास संजीव का शव मिल गया। उसे काशीराम महदेवा मृतक घर लाया गया। शव आते ही गांव में कोहराम मच गया। बाद में पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी।