महराजगंज/फरेंदा।18 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के लोगों ने मंगलवार को जिला अस्पताल के प्रांगण में धरना दिया। जिलाध्यक्ष ओपी त्रिपाठी ने कहा कि 18 सूत्रीय मांगें जब तक पूरी नहीं हो जातीं, यह धरना चलता रहेगा। सभी कर्मचारी एकजुट होकर धरने को सफल बनाएं।
डिप्लोमा एसेसिएशन के जिलाध्यक्ष प्रमोद पांडेय ने कहा कि कार्य तब तक न करें जब तक सरकार सभी मांगों को पूरा नहीं कर देती है। देवेश कुमार पांडेय, महमूद अहमद, मसूद अहमद, अमरनाथ, ऊषा गुप्ता, सलहंती देवी, नीलम, सिंह, पूनम आदि उपस्थित रहे। उत्तर प्रदेश महाविद्यालय शिक्षणेतर कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर मंगलवार को जवाहर लाल नेहरू स्मारक पीजी कालेज के सभी कर्मचारी पूरी तरह से हड़ताल पर रहे।
कर्मचारियों ने मुख्य गेट धरना दिया। मांगों को लेकर बुधवार से महाविद्यालय के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वरिष्ठ कर्मचारी नेता अतीकुर्रहमान सिद्दीकी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के पास विधायकों और मंत्रियों का वेतन बढ़ाने के लिए बजट है परंतु 60 साल तक सेवा करने वाले कर्मचारियों को पेंशन देने के लिए खजाना खाली है। वरिष्ठ कर्मचारी नेता रामनरायन नायक, परिषद के जिला महामंत्री प्रणय गौतम मंडलीय संयोजक श्रवण पटेल ने कहा कि इस महाहड़ताल के लिए सरकार ही दोषी है।
सरकार को तत्काल कर्मचारी संगठनों की मांग मान लेनी चाहिए। कर्मचारियों की हड़ताल से सरकार एवं आमजन दोनों का नुकसान है। स्टेनोग्राफर महासंघ के नेता डॉ शांतिशरण मिश्र ने कहा कि 300 दिन का अवकाश नगदीकरण, वेतन विसंगति, स्टेनोग्राफर को न्यूनतम 4200 पे बैंड करने की तरफ सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि इस पर तत्काल शासनादेश जारी किया जाना चाहिए। अध्यक्षता संतोष श्रीवास्तव ने की।
वरिष्ठ कर्मचारी नेता राजीव द्विवेदी, विधि नारायन यादव, सच्चिदानंद पटेल, जावेद सिद्दीकी, शमशाद अहमद, अतुल घोष, नरेन्द्र नाथ सिंह, सन्तोष राव, आदि ने सम्बोधित करते हुए कर्मचारी हितों की संरक्षण की मांग की। जितेन्द्र कुमार, संतोष पटेल, धीरेन्द्र कुमार, आफताब खां, निजामुद्दीन, अरूण गुप्त, बृषभान यादव, सुनील कुमार त्रिपाठी, अमित त्रिपाठी, शैलेन्द्र धवल, राजेन्द्र वर्मा, वीरेन्द्र भारती, सूरज प्रकाश आदि शामिल रहे।
लाल बहादुुर शास्त्री स्मारक पीजी कालेज आनंदनगर के सभी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। भागीरथी भट्ट, केशव प्रसाद, धर्मेंद्र सिंह, सत्यवान पाठक, सुधांशु सिंह, भगवानदास वर्मा, प्रसिद्ध नारायन, आदित्य वर्मा, दयाशंकर यादव ने कहा कि जब तक मांगे सरकार नहीं मान लेती, तक तक कार्य का बहिष्कार रहेगा।