अमवा में सड़क दुर्घटना के बाद गुस्साए लोगों द्वारा पुलिस बल पर पथराव, एंबुलेंस व फायर बिग्रेड की गाड़ी का शीशा तोड़ने के मामले में पुलिस ने सात नामजद व पांच सौ अज्ञात लोगों पर लूट, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, बलवा व अन्य धाराओं में मुुकदमा दर्ज किया।
वहीं दुर्घटना में घायल चाट विक्रेता की मेडिकल कालेज में इलाज के दौरान गुरुवार की सुबह मौत हो गई।
बुधवार की देर शाम श्यामदेउरवां के अमवा में बालू लदी ट्रक की चपेट में आने से सात लोग घायल हो गए थे। घायलों में बसहियां टोला उर्दहनी निवासी अशोक भी शामिल था।
उसे मेडिकल कालेज भर्ती कराया गया था। जहां गुरुवार की सुबह उसने दम तोड़ दिया। घटना के दिन दुर्घटना से गुस्साए लोगों ने चालक की जमकर पिटाई करने के बाद एक टेंपो में आग लगा कर लूटपाट किया।
मौके पर पहुंची पुलिस पर पथराव किया। इस दौरान एक एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड की गाड़ी के शीशे टूट गए थे और एक पुलिस वाले को चोट भी लगी।
मामले में एसओ के तहरीर पर बसहियां निवासी श्यामसुंदर चौरसिया, अमित कन्नौजिया, फूलचंद्र, इंद्रासन, अमवा निवासी संतोष, राजकुमार व बुलबुल के अलावा पांच सौ अज्ञात लोगों पर लूट, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, बलवा व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
जिन अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। वे उर्दहनी, बसहिया व अमवा के रहने वाले हैं। वहीं श्यामसुंदर चौरसिया की पत्नी रीना चौरसिया ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि एक साजिश के तहत उनके पति को फंसाया गया है। घटना के दिन उनके पति महराजगंज में थे।
मामले में टेंपो चालक विनोद यादव ने भी अज्ञात लोगों के खिलाफ लूटपाट व आगजनी का तहरीर दिया है। तहरीर में लिखा है कि टेंपो में दिवाली का सामान रखा था जिसे भीड़ ने लूट लिया।
एसओ संजय राय का कहना है कि सात व पांच सौ अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।