दरवाजे पर पुलिस की लाठी बजी तो सन्न रह गईं महिलाएं
रात में जो मिला उसी से पुलिस वालों ने किया सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। रतनपुरवां गांव के लौकियाबान टोला में महिलाएं सहमी हुई हैं। पुलिस उनके घर कब पहुंच जाए, कोई ठीक नहीं है। शनिवार की रात हुई पीड़ा को महिलाओं ने पीड़ा सुनाई। आधी रात के बाद घर के दरवाजे पर पुलिस की लाठी बजी तो सभी सन्न रह गईं। कोई बाहर आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। थोड़ी देर बाद जब यकीन हो गया कि पुलिस ही आई है तो दरवाजा खुला। मित्र पुलिस की अभद्र भाषा सुनकर महिलाएं सन्न रह गईं। उन्हें कुछ सूझ नहीं रहा था कि क्या करें। तरह-तरह के सवालों का जवाब पुलिस मांग रही थी। ‘अमर उजाला’ की टीम रविवार की सुबह गांव पहुंची तो महिलाओं एवं बुजुर्गों ने अपनी पीड़ा सुनाई।
रामसुभग निषाद की करीब अस्सी साल के हैं। वह कहते हैं कि टोले में ऐसा पहली बार हुआ है। घटना के बाद से ही डर लग रहा है। गांव में पुलिस की आवाजाही बढ़ गई है। रात की घटना का जिक्र करते हुए बोले कि घर में चारपाई पर बैठे थे। दो पुलिस वाले आए और जगाकर तरह-तरह के सवाल करने लगे। बुजुर्ग होने के कारण उन्हें ज्यादा परेशान नहीं किए और चले गए। लेकिन उनका हावभाव देखकर डर लगा रहा था।
विंद्रावती देवी ने बताया कि पूरी रात के दौरान करीब चार बार पुलिस गांव में आई, लेकिन उनके हाथ कोई नहीं लगा। जो मिला उसी से पूछताछ कर चले गए। घर में पुरुष सदस्यों की तलाश कर रहे थे। कोई नहीं मिला तो अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए चले गए।
मीरा देवी कहती हैं कि रात में दरवाजे पर खट-खट की आवाज सुनाई दी तो वह घबरा गईं। दरवाजा नहीं खोलीं तो उधर से अभद्र भाषा का प्रयोग होने लगा। उन्हें डर लग रहा था कि रात में कौन हो सकता है। दरवाजे पर लाठी से जोर-जोर से पीटा जा रहा था। जंगले के रास्ते देखीं तो वर्दी में पुलिस दिखी। इसके बाद दरवाजा खोलीं तो सभी अंदर घुस आए। जब कोई नहीं मिला तो चले गए। जानकी देवी कहती हैं कि रात में पुलिस वाले घर के बाहर पंपिंग सेट पर लाठी से मार रहे थे। सन्नाटे में आवाज तेज सुनाई दे रही थी। रात में घर में कोई था नहीं, इस वजह से डर ज्यादा लग रहा था।