निचलौल। तहसील क्षेत्र के जंगल सटे ग्राम भेड़िहारी में बृहस्पतिवार को नदी किनारे की भूमि पर खेती कर रहे मुसहर व अन्य समुदाय के लोगों को बगैर किसी पूर्व सूचना के भूमि को वन विभाग की भूमि बता कर ग्रामीणों को खेती से रोकने पहुंचे वनकर्मियों और ग्रामीणों में झड़प की सूचना है। चर्चा कि मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने ग्रामीणों पर राईफल तानने का प्रयास किया जिसके बाद ग्रामीणों और वनकर्मियों में विवाद बढ गया।इस दौरान वनकर्मियों ने हल्का बल प्रयोग भी किया जिसके बाद बौखलाए ग्रामीणों ने वनकर्मियों को घेर लिया। बाद में अफसरों के हस्ताक्षेप पर वनकर्मियों को ग्रामीणों ने छोड़ा। जिसके बाद नाराज मुसहर समुदाय के लोगों ने वन विभाग के विरुद्ध तहसील मे उग्र प्रदर्शन कर वनकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
सोहगी बरवां वन्य जीव प्रभाग के निचलौल रेंज अन्तर्गत स्थित ग्राम सभा भेड़िहारी के निकट नारायणी नदी से सटे करीब 25 एकड़ भूमि है। उसपर लंबे समय से ग्रामीण खेती करते आ रहे है। हालांकि वनविभाग इसे अपनी भूमि बताता रहा है। बृहस्पतिवार को दिन में करीब साढे़ 11 बजे अचानक वनकर्मियों की एक टीम खेत में पहुंची और ग्रामीणों को खेती करने से रोकने लगी। इसे लेकर ग्रामीणों और वनकर्मियों में बहस होने लगी। इसबीच एक वनकर्मी ने ग्रामीणों पर राइफल तानने का प्रयास किया। इससे ग्रामीण भड़क गए और ग्रामीणों और वनकर्मियों में धक्का मुक्की शुरू हो गई। इस दौरान वनकर्मियों ने ग्रामीणों पर बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ खेत पर कब्जा करने का प्रयास किया। यह खबर गांव वालों को मिलते ही सैकड़ों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने वनविभाग की टीम को घेर लिया। सूचना पर पहुंचे अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद माने ग्रामीणों ने वनकर्मियों को तो छोड़ दिया। लेकिन आक्रोशित ग्रामीण तहसील पहुंच कर वन क्षेत्राधिकारी के विरुद्ध प्रदर्शन करते हुए उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
इस संबंध मे वन क्षेत्राधिकारी अशोक चंद्रा का कहना है कि वह वन भूमि है जिस पर ग्रामीण कब्जा करना चाहते है। मुसहरों को ढाल बना भूमाफिया वनभूमि को कब्जाना चाहते हैं। वनभूमि पर अतिक्रमण पूरी तरह गैर कानूनी है। इस मामले सभी पर केस दर्ज किया जाएगा।
ग्रामीणों को खेती से रोकने पहुंचे वनकर्मियों और ग्रामीणों में झड़प
वनकर्मी को राइफल तानता हुआ देख बौखलाए ग्रामीण