भूजल प्रबंधन अधिनियम पर सीडीओ का निर्देश, नियम उल्लंघन पर बढ़ेगा कार्रवाई का दायरा
आरओ, व्यावसायिक प्रतिष्ठान व अस्पताल को लेनी होगी एनओसी
महराजगंज। भूमिगत जल का दोहन करने वाले अपंजीकृत आरओ प्लांट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मार्च में जांच कर भूगर्भ जल विभाग से एनओसी नहीं लेने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। नगर पालिका क्षेत्र में सात आरओ प्लांट पंजीकृत हैं। जबकि सूत्रों के अनुसार 23 अपंजीकृत तौर पर संचालित हो रहे हैं। सूचना के बाद अवैध आरओ प्लांट संचालकों में हड़कंप मच गया है।
सीडीओ ने भूगर्भ जल के दोहन पर अंकुश लगाने के लिए सख्ती के निर्देश दिए हैं। जिले में औद्योगिक इकाइयों, होटल, ढाबा, मैरिज हॉल, अस्पताल, आरओ प्लांट के लिए भूगर्भ जल विभाग से ऑनलाइन आवेदन कर एनओसी लेना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसा नहीं करने पर जिला प्रशासन संबंधित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएगा। मार्च में नगर निकाय और पंचायतीराज की टीमें संस्थाओं की जांच कर एनओसी चेक करेंगी।
जनवरी माह में ही जारी आदेश के तहत सीडीओ ने मार्च में विश्व जल दिवस से लेकर भूगर्भ जल संरक्षण सप्ताह के तहत सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। भूगर्भ जल के दोहन का संकट बढ़ता देख उत्तर प्रदेश भूजल प्रबंधन एवं विनियम अधिनियम के लिए सख्ती के निर्देश मिले हैं। इसके तहत डार्क जोन (पश्चिमी यूपी व बुंदेलखंड) अथवा सेफ जोन (पूर्वांचल) दोनों परिक्षेत्र को कोई छूट नहीं मिलने वाली है। व्यवसायिक उपयोग वाले भवन व प्रतिष्ठान ऑनलाइन एनओसी लेकर ही बोर करा सकेंगे। व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए एनओसी शुल्क पांच हजार रुपये तय है जो निवेश मित्र पोर्टल से ऑनलाइन जारी किया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने इसके लिए नगर निकाय, पंचायतीराज व जल निगम के जिम्मेदारों को अनुपालन सुनिश्चित कराने व एनओसी जांच के लिए निर्देशित किया है। भूगर्भ जल को मेंटेन रखने के लिए मार्च में विश्व जल दिवस से लेकर भूगर्भ जल संरक्षण सप्ताह के मद्देनजर नगर निकाय और पंचायतीराज की टीमें सक्रिय हो जाएंगी। भूगर्भ जल दोहन के नियमों की सर्वाधिक अवहेलना आरओ वाटर सप्लाई करने वाले करते हैं। यह बिना एनओसी अधिक गहराई से भूगर्भ जल का दोहन कर रहे हैं।
नियम दरकिनार कर संचालित हो रहे आरओ प्लांट
संचालन के लिए ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड से लाइसेंस लेना अनिवार्य है। इसके अलावा जीएसटी व औषधि प्रशासन विभाग में पंजीकरण जरूरी है लेकिन इन शर्तों को अधिकतर संचालक पूरा नहीं करते हैं। बिना सील पानी की बिक्री सुरक्षा नियमों को देखते हुए प्रतिबंधित है लेकिन केन, कैंपर डब्बों की कौन कहे लोडर पर पानी का टैंक लादकर पानी की आपूर्ति विभिन्न कार्यालयों से लेकर घर-घर तक की जा रही है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग इनकी जांच और सुरक्षा निर्देशों की पड़ताल की जरूरत नहीं समझता है।
वर्जन
प्रदेश भूजल प्रबंधन एवं विनियम अधिनियम के तहत एनओसी, लाइसेंस, सुरक्षा नियम का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है। नियम अनुपालन न करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
-महेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी, महराजगंज