महराजगंज। जिले के सातों नगर निकायों से भाग्य आजमा रहे कुल 698 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला शुक्रवार को होगा। शुक्रवार सुबह आठ बजे से होने वाली मतगणना की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कलेक्ट्रेट, निचलौल, फरेंदा और नौतनवां तहसील में मतगणना कड़ी सुरक्षा के बीच होगी।
इसके लिए मतगणना कर्मी समेत अन्य कर्मियों के पास जिला प्रशासन की ओर से जारी हुई है। बगैर पास के किसी को मतगणना केंद्र पर प्रवेश करने नहीं दिया जाएगा। वही सभी मतगणना केंद्र आयोग की नजर में रहेंगे। इसके लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। जिले के सभी मतगणना केंद्र पर 54 टेबल पर मतगणना होगी। इसके लिए 270 कर्मचारी लगे हैं।
महराजगंज नगर पालिका अध्यक्ष पद के 6 और सदस्य पद के 6 टेबल लगेंगे। नगर पालिका नौतनवां के लिए भी अध्यक्ष पद पर 6 और सदस्य के लिए 6 टेबल पर मतगणना की जाएगी। नगर पंचायत घुघली अध्यक्ष एवं सदस्य पद के 2-2 टेबल, नगर पंचायत आनंदनगर अध्यक्ष व सदस्य पद के लिए 2-2 टेबल मतगणना की जाएगी।
नगर पंचायत सिसवां अध्यक्ष व सदस्य के लिए 4-4 टेबल, नगर पंचायत सोनौली अध्यक्ष व सदस्य के लिए 4-4 टेबल और नगर पंचायत निचलौल अध्यक्ष एवं सदस्य के लिए 3-3 टेबल पर मतगणना की जाएगी। मतगणना कर्मियों में एक पर्यवेक्षक और चार मतगणना सहायक रहेंगे।
एक टेबल पर पांच मतगणना कर्मी तैनात रहेंगे। मतगणना केंद्र को बैरिकेडिंग करने के साथ जाली से घेर दिया गया है। महराजगंज नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत घुघली की मतगणना कलेक्ट्रेट में होगी। वही नगर पंचायत निचलौल और सिसवा की मतगणना निचलौल तहसील में होगी।
नगर पंचायत आनंदनगर की मतगणना फरेंदा तहसील में होगी। नगर पालिका परिषद नौतनवां और नगर पंचायत सोनौली की मतगणना नौतनवां तहसील में होगी। इसके लिए सुरक्षा सहित सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर तैयारी पूरी कर ली गई है। अनाधिकृत रूप से किसी को मतगणना केंद्र पर पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गेट पर ही सुरक्षा कर्मी सघन जांच के बाद ही प्रवेश की अनुमति देंगे।
प्रभारी डीएम रामसिंहासन प्रेम ने बताया कि मतगणना की तैयारी पूरी है। बैरिकेडिंग के साथ मतगणना केंद्र को जाली से पैक किया गया है। तय समय से मतगणना शुरू हो जाएगी। सभी कर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दे दिए गए हैं। एसपी आरपी सिंह ने बताया कि सभी मतगणना केंद्र पुलिस के कडे़ पहरे में रहेंगे। अगर कोई गड़बड़ी करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्राधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।