मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में थी सुनवाई, 28 को अगली तारीख
- मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में थी सुनवाई
- धोखाधड़ी व आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम में चल रही सुनवाई
महराजगंज। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में मंगलवार को ब्रिटिश नागरिक जार्डन की पेशी नहीं हो सकी। जार्डन की पैरवी कर रहे प्राधिकरण के लीगल डिफेंस आशुतोष पांडेय ने बताया कि जार्डन का एक मुकदमा दिल्ली में चल रहा है। वहां की अदालत में जार्डन को प्रस्तुत करने के लिए गोरखपुर कारागार प्रशासन 14 सितंबर को ले गया है, ऐसे में यहां की अदालत में जार्डन को नहीं प्रस्तुत किया जा सका। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 28 सितंबर की तारीख तय की है।
11 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर एसएसबी ने जार्डन को बिना वीजा पासपोर्ट के नेपाल जाने के दौरान गिरफ्तार किया था। सोनौली कोतवाली पुलिस को सुपुर्द जार्डन पर पहले आव्रजन व विदेशी अधिनियम 2025 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज हुई। नागरिकता पर फंसे पेंच के कारण पुलिस को चार्जशीट दाखिल करने में देरी हुई। 26 अगस्त की सुनवाई में जार्डन के ब्रिटिश नागरिकता की पुष्टि के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल किया। इसमें धोखाधड़ी की तीन धाराएं बढ़ाई गई लेकिन तय तारीख की सुनवाई में मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेट के अवकाश पर होने के चलते प्रभारी न्यायाधीश देवेंद्र प्रताप सिंह ने सुनवाई के लिए 15 सितंबर की तारीख तय की थी लेकिन गोरखपुर कारागार प्रशासन उसे दिल्ली के एक मामले में पेशी पर 14 सितंबर को ले गए जिसके चलते महराजगंज में उसकी पेशी नहीं हो सकी। इसकी अनुमति कारागार अधीक्षक गोरखपुर की तरफ से दो दिन पहले ली गई थी। मंगलवार की सुनवाई के दौरान लीगल डिफेंस की दलीलों को सुनने के बाद मुकेश यादव की कोर्ट ने सुनवाई के लिए 28 सितंबर की तारीख तय की।