उदितपुर के बाबूराम मौर्या की मौत पर असहाय हुई पत्नी व उनके मासूम बच्चे
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कोरोना ने पिता को छीना, बच्चे हो गए बेसहारा
फरेंदा (महराजगंज)। कोरोना की दूसरी लहर ने ऐसा कहर ढाया की कई परिवारों की खुशियां छीन गई। कई बच्चों के सिर से पिता का सहारा हट गया। अब मां के सामने बच्चों के पालने के साथ उनकी शिक्षा, दीक्षा एक चुनौती से कम नहीं है।
फरेंदा क्षेत्र के उदितपुर निवासी 30 वर्षीय बाबूराम मौर्य भैया फरेंदा चौराहे पर फूट बीयर की दुकान करते थे। 13 मई को उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। बड़े भाई इलाज के लिए गोरखपुर के निजी कोविड अस्पताल में ले गए। उन्हें सांस लेने में तकलीफ थी। 15 मई की रात में करीब 8 बजे उसकी सांसें थम गईं। पत्नी नीलम के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। दो बच्चे आकृति (6) व अंकित (3) हैं। बड़े भाई रामा मौर्य ने बताया कि कम उम्र में भाई को खोने देने का दर्द पूरा जीवन रहेगा। पत्नी नीलम ने बताया कि पति की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया। अब बच्चों को पालने व उनके पढ़ाई पर संकट आ गया है। शासन से कुछ सुविधा मिले तो काफी सहूलियत होगी। ग्राम प्रधान नीरज जायसवाल ने बताया कि कोरोना काल में गांव के युवा की मौत से परिवार के सामने संकट खड़ा हो गया है। उनके जीवन यापन के लिए सरकार की योजना का लाभ दिया जाएगा।