बनरसिहा कला के प्राचीन टीले के उत्खनन में चौथे दिन मिले विभन्न पुरावशेष।संवाद
बौद्ध कालीन स्थल बनर्सिया कला देवदह में उत्खनन के चौथे दिन रविवार को एक और मिट्टी की मूर्ति और कांस्य का एक सिक्का मिला। पुरातत्व अधिकारियों की टीम ने इसे दो हजार साल पुराना बताया है। उत्खनन में मिट्टी के बर्तन कोसा, परई, बट्टा आदि भी मिल रहे हैं। यह सभी कुषाण काल की बताई जा रही है। पुरातत्व अधिकारी अभी कुछ सटीक कहने से कतरा रहे हैं।
पुरातत्व उत्खनन अधिवेक्षण अधिकारी लखनऊ रामविनय ने बताया कि टीम नियमित खोदाई कर रही है। अभी कुछ खास अवशेष नहीं मिल रहे हैं। जितने भी पुरावशेष मिल रहे हैं, उन्हें सुरक्षित रखा जा रहा है। हर गतिविधि की जानकारी विभाग के आला अफसरों को दी जा रही है। अभी प्रथम लेयर का ही उत्खनन चल रहा है।
द्वितीय लेयर के उत्खनन में उम्मीद है कि कुछ रोचक अवशेष मिलेंगे। जिससे यह पता लगाने में आसानी होगी कि यहां कितनी पुरानी सभ्यता रह रही थी। अब तक मिले अवशेषों से ज्यादा कुछ अनुमान नहीं लगाया जा सकता है।
चार हिस्सों में बांट कर उत्खनन कराया जा रहा है। जिसमें 80 से ज्यादा निपुण मजदूर लगे हैं। इस अवसर पर ज्ञानेंद्र कुमार रस्तोगी, राजीव रंजन, डॉ. मनोज कुमार यादव, सूरज यादव, जितेंद्र राव, अमित सिंह, प्रहलाद गौतम, बबलू तिवारी, लक्ष्मीपटेल और ओमप्रकाश आदि उपस्थित थे।