सोशल मीडिया और परतावल में दिनभर पोस्टर ही चर्चा का विषय रहा। पोस्टर को लेकर योगी समर्थकों ने सोशल मीडिया पर कड़ा आक्रोश जताया। उन्होंने पोस्टर लगाने वालों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पनियरा क्षेत्र से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गहरा संबंध रहा है। ऐसे में किसी भी कार्यक्रम या स्वागत पोस्टर में उनका फोटो न होना न केवल कार्यकर्ताओं का अपमान है, बल्कि संगठन की गरिमा के खिलाफ भी है। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री की तस्वीर हटाने के पीछे कौन थे और उनकी मंशा क्या थी यह सामने आना चाहिए। कुछ लोगों ने लिखा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ न केवल प्रदेश के मुखिया हैं बल्कि महराजगंज और आसपास के क्षेत्रों के लोगों से उनकी भावनात्मक जुड़ाव भी है। ऐसे में उनका फोटो पोस्टरों से गायब होना कहीं न कहीं जानबूझकर उनकी अनदेखी करने की कोशिश है।
सोशल मीडिया पर विरोध बढ़ता देख आयोजकों में भी हड़कंप मच गया। जैसे ही मामले की जानकारी उन तक पहुंची, उन्होंने तुरंत स्थिति को संभालने का प्रयास किया। आनन-फानन में पोस्टर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फोटो लगवाया गया। इसके बाद धीरे-धीरे विरोध कम हुआ। पूरे दिन यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा। कुछ लोग इसे साधारण चूक मान रहे थे तो कुछ इसके पीछे राजनीति मान रहे थे।
उधर, चौक बाजार में आयोजित जीएसटी रिफॉर्म कार्यक्रम के बैनरों और होर्डिंग्स से भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फोटो गायब रहने पर विवाद हो गया। बजरंग दल के जिला अध्यक्ष विशाल पुष्कर ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा, ‘यह कोई साधारण भूल नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री के खिलाफ साजिश है।’ उन्होंने कहा कि सीएम योगी की वजह से ही प्रदेश विकास की राह पर है और ऐसे में उनका फोटो हटाना भाजपा सरकार को कमजोर करने की चाल है।
इन पोस्टरों से पार्टी का कोई लेनादेना नहीं है। ये पोस्टर किसने लगवाए इसके बारे में पता लगाएंगे और जरूरी कार्रवाई की जाएगी। - संजय पांडेय, जिलाध्यक्ष भाजपा