जिला पंचायत की पहली बैठक में विकास के लिए सभी जिला पंचायत सदस्यों के सहयोग की बात की गई। बैठक में पहले के कार्यों और ठेकेदारों के संबंध में चर्चा की गई।सदस्यों ने पूर्व में हुए कार्य और धन का विवरण मांगा है।
शपथ ग्रहण के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष प्रभुदयाल ने सदस्यों से सहयोग की अपील की। विभागीय अधिकारियों से अपेक्षा की है कि वे योजनाओं की जानकारी दें तथा उसके क्रियान्वयन में सहयोग दें। सांसद पंकज चौधरी ने कहा कि जिला पंचायत सदस्य अपने क्षेत्र के कार्यों के संबंध में प्रस्ताव दें। उनको पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।
सीडीओ मारकंडेय शाही ने कहा कि जिले में पोषण मिशन, पेंशन योजना, स्वास्थ्य उपकेंद्र के माध्यम से अनटाइड फंड का क्रियान्वयन किया जा रहा है। मनरेगा के संबंध में बताया कि 70 प्रतिशत कार्य अब कृषि संबंधी कराए जा रहे हैं। नए इंडिया मार्क टू हैंडपंप नहीं लगाए जा रहे हैं।
खराब हैंडपंपों के रीबोर कराने की भी बात उठी। पिछले कार्यों का हिसाब अगली बैठक में उपलब्ध कराने की बात कही गई। रजिस्टर्ड फर्म और ठेकेदारों संख्या में बताया गया कि 35 रजिस्टर्ड ठेकेदार हैं।अपर मुख्य अधिकारी जीके सिंह ने बताया कि राज्य वित्त आयोग में प्राप्त धन के सापेक्ष प्रस्ताव प्राप्त होने पर कार्य कराया जाएगा।
वर्ष 2015-16 में 17 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। जिसमें 50 प्रतिशत व्यय हो गए हैं। समितियों के बारे में भी मुद्दा उठा। जिसमें बताया गया कि छह समितियां हैं। जिसमें नियोजन व विकास, शिक्षा तथा प्रशासनिक समिति के अध्यक्ष जिला पंचायत अध्यक्ष होंगे। तीन समिति निर्माण कार्य, स्वास्थ्य व कल्याण तथा जल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष को नामित करने का अधिकार भी सदन ने अध्यक्ष को दिया।