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छठ घाटों पर दिखा आस्था और उल्लास का संगम

Sat, 28 Oct 2017 12:26 AM IST
महराजगंज (ब्यूरो)
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छठ घाटों पर दिखा आस्था और उल्लास का संगम - फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। जिले में विभिन्न स्थानों पर बने छठ घाटों पर शुक्रवार को सुबह आस्था, उल्लास और समर्पण का अनूठा संगम नजर आया। नगर के बलिया नाला समेत अन्य स्थानों पर स्थित छठ घाटों पर भोर में ही मंगल गीत गाती व्रती महिलाओं के आने का क्रम शुरू हो गया। एक तरफ व्रती महिलाओं की टोली छठ मइया की उपासना में जुटी थी तो दूसरी ओर सैकड़ों लोग उनकी कठोर तपस्या के साक्षी बनने को लालायित थे। अल सुबह ही ऐसा लग रहा था मानों पूरा नगर ही घाटों पर उमड़ आया हो। आसमान में लालिमा बिखेरते सूर्यदेव जैसे ही प्रकट हुए, व्रतियों ने अर्घ्य देकर अपने कठिन छठ व्रत का समापन किया। छठ घाटों पर उमड़ने वाली भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।
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बृहस्पतिवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के बाद से ही लोग उगते सूर्य को अर्घ्य देने की तैयारी में जुट गए थे। आधी रात के बाद से ही श्रद्धालुओं की टोली नदी तट व पोखरों पर पहुंच गई। छठ घाटों पर पहुंचने के बाद वेदी पूजन कर महिलाएं जल में प्रवेश कर गईं। घंटों पानी में खड़े रहकर छठ मइया की आराधना की। सुबह जैसे ही भगवाना भास्कर की लालिमा आसमान में दिखी, अर्घ्य देने का सिलसिला शुरू हो गया। व्रत पूरा होने के बाद दिन भर प्रसाद वितरण का दौर चला। जिसके घर भी छठ पूजा हुई थी वे अपने शुभचिंतकों को प्रसाद देने निकल पड़े। बलिया नाला, चिऊरहां, पिपरदेउरा, अमरूतियां छठ घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। लक्ष्मीपुर प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के रेलवे स्टेशन पोखरा, बंगाली पोखरा, सोन्धी के सगरा पोखरा, कोट कम्हरिया के बाबा मोहनदास कुटी स्थित पोखरा, गुरचिहां व गजपति तथा देवपुर के पोखरों पर भोर से व्रती महिलाएं पहुंचने लगी। जो उजाला होते ही हाथों में अर्घ्य सामग्री लेकर सूर्य के उगने का इंतजार कर रही थी। लोगों ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पुत्रादि के लम्बी उम्र एवं सुखमय जीवन की कामना किया। वहीं लक्ष्मीपुर ब्लाक के मझार क्षेत्र में भी रोहिन नदी में महिलाओं ने अपने अपने गांवों के घाटों पर पहुंच कर सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दौरान जगह जगह पर गांव के लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने में अपना योगदान दिया।
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कोल्हुई प्रतिनिधि के अनुसर स्थानीय दुर्गा मंदिर पोखरा, काली मंदिर पोखरा थाने के पास स्थित शिव मन्दिर पोखरा के साथ परसौना, बड़िहारी, पिपरा बाजार, सोनचिरैया, कम्हरिया , गुरचिहां के पोखरों पर व्रती महिलाएं उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पुत्र के लम्बी उम्र एवं सुखमय जीवन व परिवार मे शांति की कामना की। वहीं क्षेत्र तमाम गांव की महिलाओं ने अपने - अपने गांवों के घाटों पर पहुंच कर सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दौरान जगह जगह पर गांव के लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने में अपना योगदान दिया। कोल्हुई थानाध्यक्ष गिरिजेश उपाध्याय ने बताया कि छठ घाटो पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गये थे। जगह जगह पर पुलिस होमगार्ड चौकीदार को लगाया गया। नौतनवां प्रतिनिधि के अनुसार नगर के रेलवे स्टेशन, भुंडी घाट, राममनोहर लोहिया कालेज तथा दोमुहान घाट पर शुक्रवार सुबह श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। व्रती नर-नारियों ने हाथों में पूजन सामग्री लिए छठ माई की स्तुति और सूर्य के नाम का जाप करते घाटों पर जलाशय में खड़े होकर उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद अपना व्रत पूरा किया। नगर के साथ आसपास के क्षेत्रों में भी लोगों ने पूरी श्रद्धा से पर्व को मनाया। लेहड़ा बाजार व बृजमनगंज प्रतिनिधि के अनुसार स्थानीय कस्बे के ठाकुरद्वारा के पास पोखरे पर छठ पूजा के अवसर पर भगवती जागरण का आयोजन किया गया। बाराबंकी से आए कलाकारों ने छठ मैया का गुणगान किया। भजन गायक प्रियंका चौहान ने भगवती जागरण की शुरूआत गणेश वंदना से की। घुघली प्रतिनिधि के अनुसार बैकुंठी घाट पर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर महिलाओं ने व्रत पूरा किया। क्षेत्र के बाला क्षेत्र घाट, त्रिमुहानी घाट, घुघुली बुजुर्ग घाट, टेदवा आदि छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। निचलौल, सिसवा, कोठीभार, मिठौरा, खनुआ, सोनौली, रतनपुर, अड्डा बाजार, बरगदवां, ठूठीबारी, परतावल, धानी प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में विभिन्न छठ घाटों परम्परागत ढंग से छठ पूजा हुई। उगते हुए सूर्य का अर्घ्य देकर महिलाओं ने व्रत को पूरा किया। छठ घाटों पर भोर में दिपावली जैसा नजारा दिखा। फरेंदा प्रतिनिधि के अनुसार छठ घाटों पर शुक्रवार को आस्था का सैलाब उमड़ा। व्रती महिलाएं क्षेत्र के तालाब व पोखरो पर भोर से ही उगते सूर्य को अर्घ्य देेने के लिए तालाब में खड़ी रहीं। महिलाएं गीत गाती हुई तालाब पर झुंड बनाकर पहुंची। फरेंदा दुर्गा मंदिर मान सरोवर, प्रेम मंदिर पोखरा, उदितपुर, भैया फरेंदा, परासखाड़ शिवमंदिर पोखरा, लेजार महदेवा सहित त्रिमुहानी घाट पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाएं उगते सूर्य के दर्शन के लिए काफी देर तक इंतजार में रही। सूर्य के उगते ही महिलाओं के चेहरे में खुश दिखीं। उसके बाद व्रती महिलाएं भगवान भास्कर को अर्घ्य देकर सुख समृद्धि की कामना की।
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