महराजगंज। राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-24 और एनएच 730 के निर्माण कार्य को गति देने के लिए अधिग्रहित भूमि के बदले किसानों को तेजी से मुआवजा राशि वितरित की जा रही है।
भूमि अध्याप्ति विभाग की ओर से अब तक एनएच-24 के लिए 4,10,58,06,901 रुपये और एनएच-730 के लिए 13,73,65,578 रुपये किसानों को मुआवजा वितरित किया जा चुका है।
मुआवजा वितरण में तेजी आने से हाईवे निर्माण कार्य को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है। गोरखपुर-सोनौली हाईवे पर संपतिहा के पास डॉ. एके सिंह मिले। उन्होंने बताया कि मुआवजा तेजी से वितरित किया जा रहा है।
इससे सड़क निर्माण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। साढ़े 16 फीट चौड़े, 35 फीट लंबे मकान का हिस्सा जिसमें एक हाल और एक कमरा शामिल था, उसका 6 लाख 50 हजार रुपये मुआवजा मिला। इसी तरह से कुरहवा के जय गोविंद मिश्रा ने बताया कि घर के सामने स्थित दो डिस्मिल जमीन का मुआवजा सिर्फ 1 लाख 10 हजार रुपये मिला है।
इस रूट पर आगे जाने पर मुडिला में राघवेंद्र सिंह आपस में चर्चा करते हुए दिखे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में ज्यादातर लोगों को मुआवजा मिल चुका है, जिनके प्रपत्रों में कुछ कमी है, उन्हें ही नहीं मिला है।
उन्होंने बताया कि 18 डिस्मिल जमीन का 96 हजार प्रति डिस्मिल की दर से 17 लाख रुपये मुआवजा मिला है। इसी जमीन पर स्थित पैतृक मकान के पांच कमरे टूटे, जिसका 12 लाख रुपये मुआवजा मिला है। थोड़ी दूरी पर संतोष अग्रहरि मिले।
उन्होंने बताया कि सड़क तेजी से बन रही है। आने वाले दिनों में आवागमन सुगम होगा। वहीं श्याम करन चौहान ने बताया कि दो कमरे का मकान था, जिसका सात लाख रुपये मुआवजा मिला है।
इसी तरह से अन्य लोगों ने भी मुआवजा मिलने की बात कही। वहीं कुछ लोगों ने पेच फंसने की बात करते हुए मुआवजा उचित नहीं मिलने की बात कही।