- कालरट्यून की जगह सुना रहीं जागरूकता संदेश
- साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देख ट्राई के निर्देश
महराजगंज। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देख संचार कंपनियां उपभोक्ताओं को जागरूक करने में जुटी हैं। फोन करने पर जहां मोबाइल नंबर पर कालरट्यून सुनने को मिल रहा था, वहीं अब साइबर ठगी से सुरक्षित रहने के उपाय सुनने को मिल रहे हैं। साथ ही यह भी बताया जा रहा कि अगर ठगी के शिकार हो गए हैं तो अगला कदम क्या उठाएं। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के मद्देनजर ट्राई (दूर संचार नियामक) के निर्देश पर न सिर्फ बीएसएनएल बल्कि निजी कंपनियां भी इस दौड़ में शामिल हैं।
इन दिनों मोबाइल फोन कॉलिंग सुविधा देने वाली नेटवर्क प्रदाता कंपनियां साइबर ठगी से बचाव के लिए जागरूकता संदेश सुनाने में जुटी हैं। उपभोक्ताओं को फर्जी काॅल आने पर हेल्पलाइन नंबर की जानकारी दी जा रही है। लालच और अज्ञानता में कभी लाॅटरी निकलने, दुर्घटना की झूठी सूचना तो कभी डिजिटल अरेस्ट के दायरे में फंसकर ठगी के शिकार हो रहे हैं। यह भी बताया जा रहा कि परिचित नंबर के इंटरनेट काॅल ही रिसीव करें।
कोई फर्जी अधिकारी के गेटअप में ठगी का शिकार बना सकता है। ऐसा कोई फोन आने पर राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना देने के संदेश भी प्रसारित हो रहे हैं, जिससे लोग ठगी का शिकार होने से बच सकें। अगर शिकार बन गए हैं तो क्या करना चाहिए, इसकी जानकारी भी दी जा रही है।
दूर संचार नियामक के निर्देश पर साइबर ठगी से बचने का संदेश प्रसारित किया जा रहा है। फोन करने पर सबसे पहले जागरूकता संदेश सुनाकर उपभोक्ताओं को जागरूक किया जा रहा है। - सुबोध कुमार, एसडीओ, बीएसएनएल
लोगों को जागरूक करने के लिए संचार कंपनियों ने बेहतर प्रयास किया है। साइबर सेल भी लोगों के साथ ठगी न होने पाएं इसके लिए जागरूक करने में जुटे है। - सजनू यादव, प्रभारी साइबर थाना