डुमरियागंज के औसानपुर में बिजली की चपेट में आने से फरेंदा के चालक की हुई मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
फरेंदा। क्षेत्र के पिपराखल्ली के डिहवा टोला के रहने वाले कंबाइन चालक नीलेश चौधरी (30) की डुमरियागंज के औसानपुर के सीवान में सोमवार को दिन में बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। इसकी जानकारी जब परिजनों को हुई तो उन पर दुखों की बिजली गिर गई। मां व पत्नी दहाड़ें मारकर रोने लगीं तो मौजूद लोगों की भी आंखों से आंसू छलक पड़े।
फरेंदा क्षेत्र के पिपराखल्ली के डिहवा निवासी नीलेश चौधरी (30) कंबाइन चालक के साथ सीजन समाप्त होने के बाद गुजरात में रहकर मजदूूरी का काम करते थे। सीजन की शुरुआत में 20 मार्च को गुजरात से घर आए और कंबाइन चलाने के लिए डुमरियागंज चले गए। जहां पर सोमवार को करंट की चपेट में आ गए। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। मां व पत्नी की रोते सुनकर काफी संख्या में लोक इकट्ठा हो गए। लोग परिजनों को ढांढस बंधाने में जुटे रहे। पत्नी मैना देवी उनके कहे हुए बातों को याद करते हुए दहाड़ें मारकर रोती हुई बेसुध हो रही रही थी। वहीं, मां की आंखें पथरा गई थीं। बार-बार नीलेश को याद करते हुए बेहोश हो जा रही थीं। उनको पानी के छींटें मारकर होश में लाने का प्रयास महिलाएं कर रही थीं।
छह माह पहले छोटे भाई की भी हो चुकी है मौत
मृतक नीलेश चौधरी चार भाइयों में तीसरे नंबर के रहे। सबसे बड़े अनिल, विनय, नीलेश व मिथलेश हैं। मिथलेश की छह माह पूर्व दिल्ली में मौत हो गई थी। उनकी मौत के गम से परिवार अभी उबर नहीं पाया था कि सोमवार को नीलेश की मौत ने परिवार को झकझोर कर रख दिया। पिता रामकिशुन दो बेटों की मौत से बदहवास थे।
दो बच्चों के सिर से उठ गया पिता का साया
नीलेश चौधरी की मौत की खबर से पूरा परिवार स्तब्ध है। वहीं, मृतक नीलेश की छह वर्षीय बेटी पवित्रा व चार वर्षीय बेटा विराट मां व परिवार को रोते हुए देख रहे थे। जब उनको जानकारी हुई कि पिता का सहारा सिर से उठ गया तो मां से लिपट कर रोने लगे। दोनों बच्चों को अगल-बगल के लोग मनाने में जुटे रहे।
शव लेने के लिए भाई पहुंचे डुमरियागंज
छोटे भाई की मौत की खबर अनिल व विनय को हुई तो उनको भाई के मौत की यकीन नहीं हो रहा था। कुछ घंटे के बाद भाई के शव को लेने के लिए डुमरियागंज चले गए। उनके साथ नीलेश की ससुराल के लोग भी घटनास्थल पर पहुंच गए। जहां पर चीख-पुकार मची हुई थी।