मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पीड़ितों की मदद के लिए केंद्र व राज्य सरकार पूरी तत्परता से जुटी हुई है। बाढ़ पीड़ितो की तक भरपूर मदद सुनिश्चित करने के लिए तीन दिनों से वह स्वंय प्रभावित जनपदों का दौरा कर रहे हैं। इसके साथ ही मंत्री समूह भी दौरा कर राहत कार्यों की निगरानी में जुटा हुआ है।
सीएम योगी शुक्रवार को सहजनवां में बाढ़ प्रभावित गांवों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद मुरारी इंटर कॉलेज में बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से बातचीत कर राहत सामग्री का वितरण किया। पीड़ितों को भरोसा दिया कि संकट के हर समय में सरकार उनके साथ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों तक राहत व हर प्रकार का सहयोग उपलब्ध हो, इसकी समीक्षा के लिए वह तीन दिन से दौरे पर हैं। बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, अयोध्या, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, गोरखपुर के दक्षिणांचल, महराजगंज, कैम्पियरगंज होते हुए वह सहजनवा आए हैं।
उन्होंने कहा कि यह बाढ़ असमय है। अक्सर अगस्त-सितंबर माह में ही बाढ़ की समस्या आती थी। पहली बार अक्टूबर में बाढ़ की त्रासदी झेलनी पड़ रही है। इससे जनजीवन तो प्रभावित हुआ ही है, बाढ़ और अतिवृष्टि से फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि जिन लोगों के मकानों में पानी घुस चुका है उन्हें कम से कम दो बार भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही जो लोग भोजन बना सकते हैं, उन्हें पर्याप्त मात्रा में राशन सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
सीएम योगी ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को दो तरह की किट में दी जा रही राहत सामग्री किट में 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 2 किलो अरहर दाल, आधा किलो नमक, 250 ग्राम हल्दी, 250 ग्राम मिर्च, 250 ग्राम सब्जी मसाला, एक लीटर रिफाइंड तेल, पांच किलो लाई, दो किलो भूना चना, एक किलो गुड़, 10 पैकेट बिस्कुट, एक पैकेट माचिस, एक पैकेट मोमबत्ती, दो नहाने का साबुन शामिल है। इसके अलावा 10 किलो आलू, पांच लीटर केरोसिन, पांच लीटर क्षमता के दो जरीकेन, 15 गुणे 10 फीट की एक तारपोलीन शीट भी दी जा रही है। इसके साथ ही पशुओं के चारे की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए प्रति पशु प्रतिदिन पांच किलो चारा उपलब्ध कराने का निर्देश भी प्रशासन को दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांप, बिच्छू या जंगली जानवरों के काटने पर इंजेक्शन की उपलब्धता भी हर जगह सुनिश्चित करा दी गई है।
सीएम योगी ने कहा कि बाढ़ के चलते जनहानि होने पर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये का मुआवजा तत्काल उपलब्ध कराने तथा अंग भंग होने पर 2.5 लाख रुपये तक की सहायता राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था बनाई गई है। बाढ़ से जिनके मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास देने या मकान बनवाने के लिए 1.20 लाख रुपये देने का निर्देश दिया गया है।
आंशिक क्षतिग्रस्त मकानों के लिए भी आपदा राहत कोष से मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण फसलों को जो नुकसान हुआ है, उसके लिए प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि हर ग्राम पंचायत में सर्वे कराकर जल्द से जल्द फसलों की क्षतिपूर्ति की धनराशि किसानों के खातों में भेजी जाए।
पशुपालकों को हुए नुकसान पर भी सहायता राशि देगी सरकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाढ़ के चलते पशुओं की हानि पर भी मुआवजा दिया जाएगा। दुधारू पशु गाय, भैंस आदि के मरने पर 37500, बकरी, भेड़, सूअर के मरने पर 4000, गैर दुधारू पशु ऊंट, घोड़ा आदि के मरने पर 32000, बछड़ा, गधा, टट्टू आदि के मरने पर 20000 रुपये की दर से पशुपालकों को सहायता राशि दी जाएगी।
युद्ध स्तर पर शुरू करें स्वच्छता का अभियान
सीएम योगी ने प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अगले दो-तीन दिन में बाढ़ का पानी कम होने लगेगा। लोगों को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए स्वच्छता, सैनेटाइजेशन और छिड़काव का अभियान युद्ध स्तर पर शुरू किया जाए। यह कार्य तब तक जारी रहे जब तक जमीन पूरी तरह सूख न जाए। गांव में किसी तरह की गंदगी न रहे, इसके लिए ग्राम पंचायत अभी से तैयारी करें और प्रशासन इस में सहयोग प्रदान करे।
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही दिवाली से पूर्व अविलंब क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत व बिजली आपूर्ति बहाली की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। दिवाली आने तक हर गांव में बेहतर आवागमन की सुविधा हो तथा सभी गांव जगमग हों। इस अवसर पर भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ धर्मेंद्र सिंह, विधायक प्रदीप शुक्ल, भाजपा जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह, पूर्व विधायक देव नारायण उर्फ जीएम सिंह आदि मौजूद रहे।
सीएम योगी शुक्रवार को कैंपियरगंज के बाढ़ प्रभावित गांवों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद जेपी इंटर कॉलेज में बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से बातचीत कर राहत सामग्री सौंपी और आश्वस्त किया कि आपदा के समय में सरकार उनके साथ खड़ी है। सभी का भरपूर सहयोग किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों तक राहत व हर प्रकार का सहयोग सुनिश्चित कराने के लिए वह परसों से ही बाढ़ प्रभावित जनपदों का दौरा कर रहे हैं। जिन लोगों के मकानों में पानी घुस चुका है उन्हें कम से कम 2 बार भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश प्रशासन को दिया गया है। इसके साथ ही मैरुण्ड गांवों के लोगों को पर्याप्त मात्रा में राशन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।