महराजगंज। नेपाल से सामान आयात निर्यात में अधिकारी खूब खेल रहे हैं। लाल चंदन तस्करी का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि नेपाल से तेजपत्ता की आड़ में दालचीनी कानपुर पहुंच गया। मामले में सख्त कार्रवाई न कर संबंधित विभाग के अधिकारी अपनी कथनी-करनी पर पर्दा डालने पर जुटे हुए हैं।
सूत्रों की माने तो नेपाल के दांग, रोलपा जिले में तेजपत्ता अधिक मात्रा में होता है। तेजपत्ता के लिए कोई प्रतिबंध नहीं है, लेकिन दालचीनी पर प्रतिबंध है। ऐसे में इसे भारतीय क्षेत्र में लाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं। नेपाल में दालचीनी 90 से 100 रुपये, जबकि भारतीय क्षेत्र में 270 से 300 रुपये प्रतिकिलो है। रेट में अधिक अंतर होने के कारण नेपाल से इसे मंगाया जाता है।
सूत्रों की माने तो आठ सितंबर को नेपाल से ट्रक में तेजपत्ता लदा था, लेकिन अंदर दालचीनी भर दी गई। प्राथमिक जांच में ऊपर ही देखकर छोड़ दिया गया, जबकि नीचे दालचीनी भरी हुई थी। इस खेल में मुखबिरी हो गई। इसकी जानकारी संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों को दी गई। ट्रक चालक आठ सितंबर को नेपाल से तेजपत्ता लेकर चला तो उसे इसकी भनक नहीं लगी। लखनऊ तक पहुंचते ही 10 सितंबर को ट्रक पकड़ लिया गया। गहन जांच में दालचीनी मिली तो अधिकारी सन्न रह गए।
इसके बाद इस प्रकरण पर पर्दा डालने की कोशिश करते हुए गोपनीय ढंग से जांच शुरू हुई तो इसकी आंच बाॅर्डर तक आ गई। इसे लेकर सीमावर्ती क्षेत्र में खलबली मच गई है। सूत्रों की माने तो संबंधित ट्रांसपोर्टर को नोटिस देकर लखनऊ जवाब-तलब किया गया है। यह जांच हो रही है कि इतनी सघन जांच प्रकिया के बाद इतनी आसानी से कैसे दालचीनी सरहद पार हो गई।
इस पूरे खेल में कौन-कौन लोग शामिल है। इसके बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। नियम के अनुसार, नेपाल से आने वाले सभी सामानों की जांच होती है। इधर से जाने पर भी वही प्रक्रिया अपनायी जाती है। इस पूरे मामले को लेकर अधिकारी मुंह खोलने को तैयार नहीं हैं। उधर, ट्रांसपोर्टर से जानकारी ली जा रही है कि इस पूरे खेल को कैसे अंजाम दिया गया है। कबसे ऐसा काम हो रहा था।
नेपाल में जरूरत के हर सामान की होती है तस्करी
नेपाल की खुली सीमा का तस्कर लाभ उठाते हैं। नेपाल में सस्ता मिलने वाले हर सामान को तस्कर भारतीय क्षेत्र में लाकर महंगे दाम पर बेचते हैं। अधिकारियों की माने तो इसपर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा कर्मी सतर्क हैं, लेकिन तस्कर पगड़डियों के रास्ते अपना काम कर लेते हैं। समय-समय पर बरामदगी होती है। तस्करों के सिंडिकेट को तोड़ने में सुरक्षा कर्मी जुटे हैं। उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।
तेजपत्ता लदा गाड़ी पकड़ा गया है, उसकी जांच-पड़ताल की जा रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-जगन मोहन, असिस्टेंट कमिश्नर लखनऊ