महराजगंज। ग्रामीण चौकीदार संघ के बैनर तले सोमवार को ग्रामीण चौकीदारों ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा देने सहित चार सूत्री मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। इस दौरान मुख्य वक्ता इंद्रजीत ने कहा कि ग्रामीण चौकीदार गुलामी की जिंदगी जी रहे हैं।उत्पीड़न के शिकार हो रहे हैं। यदि उत्पीड़न बंद न हुआ और मांगें नहीं मानी गईं तो चौकीदार मंडल स्तर पर बेमियादी भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगे।
जिलाध्यक्ष बाले खां ने कहा कि अब ग्रामीण चौकीदार संगठित हो गए हैं। हक को लेकर संघर्ष कर रहेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चौकीदारों की समस्याओं की तरफ से मुंह मोड़े है। जिला संयोजक नाथू प्रसाद ने कहा कि प्रदेश सरकार ने चुनाव के पहले जो वादा किया था, उसे भूल गई है। सरकार में बैठे लोगों ने वादा किया था कि यदि यूपी में भाजपा की सरकार बनेगी तो ग्रामीण चौकीदारों का 120 दिन के भीतर मानदेय बढ़ा जाएगा। साल भर बाद भी सरकार वादे को पूरा नहीं कर पाई है। जिला महासचिव रामनाथ ने कहा कि पंद्रह सौ रुपये मानदेय से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। सरकार को चौकीदारों का मानदेय दस हजार पांच सौ रुपये कर देना चाहिए। धरने में जमाल अहमद, अनिरुद्ध प्रसाद, शिवप्रसन, अशफाक, रामनयम, वीरेंद्र यादव, बब्लू, महेश, कोदई, मातेश्वर, गोरख पांडेय, हबीब, समसुद्दीन, इंदल, रामप्रीत, प्रवीण, जनार्दन, सूर्यलाल, लाल बहादुर, बृृहस्पति, रामउदित, रामजीत, रामप्यारे, रामअवध, चंद्रभूषण, कमलावती, शोभा आदि मौजूद रहे।