सेमरही गांव में मोहल्ला पाठशाला में मौजूद बच्चे।
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मोहल्ला पाठशाला में बगैर किताबों के ज्ञान ले रहे बच्चे
महराजगंज। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अब तक पुस्तकें नहीं मिली पाई हैं। जबकि जिले पर पुस्तकें आ चुकी हैं। जबकि बेसिक शिक्षा विभाग का दावा है कि मोहल्ला पाठशाला के जरिए बच्चों को शिक्षित किया जा रहा है। ऐसे में बिना पुस्तकों के ही बच्चे मोहल्ला पाठशाला में ज्ञान अर्जित कर रहे हैं। कोर्स में हुए बदलाव के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।
जानकारी के अनुसार जिले में 1695 परिषदीय विद्यालय हैं। परिषदीय स्कूलों में पंजीकृत बच्चों की संख्या 2 लाख 15 हजार है। करीब 10 लाख पुस्तकें जिले में आ चुकी हैं। कोरोना की वजह से स्कूल बंद हैं। ऑनलाइन एवं मोहल्ला पाठशाला के माध्यम से बच्चों की शिक्षा देने का प्रयास किया जा रहा है। जुलाई से बच्चों को मोहल्ला पाठशाला के जरिए शिक्षा दी जा रही है। अभिभावक सत्येंद्र यादव ने बताया कि जो बच्चा पिछले सत्र में कक्षा चार में था, उसे प्रमोट कर पांच में कर दिया गया, लेकिन पांचवीं की पुस्तकें बच्चों को नहीं मिली हैं। बीएसए ओम प्रकाश यादव ने बताया कि पुस्तकों का सत्यापन कराया जा चुका है। बच्चों को बेहतर ढंग से शिक्षा देने की कोशिश की जा रही है। जल्द ही सभी बच्चों को पुस्तकें उपलब्ध करा दी जाएंगी। इसके लिए तैयारी पूरी की जा चुकी है।