तराई के इस पिछडे़ जिले में इन्सेफेलाइटिस और मलेरिया से पीड़ितों की संख्या दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। जहां सरकार तरह- तरह के अभियान चला कर नागरिकों का स्वास्थ्य सुधारने का प्रयास कर रही है वहीं पर बच्चों का इस तादात में बीमारियाेें के चपेट में आ जाना चिन्ता का विषय है।
आईसीयू में बुखार से पीड़ित लगभग नौ बच्चे जिन्दगी की जंग लड़ रहे है। मंगलवार को आईसीयू में नौ बच्चे भर्ती मिले जिनका इलाज चल रहा है। पांच साल की प्रियंका पिछले 27 सितम्बर से ही भर्ती है ।
पिता विरन ने बताया की बुखार आने पर अस्पताल लाया गया जहां पर डाक्टरों ने आईसीयू वार्ड में भर्ती कराने को कहा। दो साल के प्रताप को पिछले एक हफ्तें से आईसीयू में इलाज चल रहा है। पिता श्यामसुन्दर ने बताया कि 15 दिन पहले अचानक प्रताप को झटका आने लगा हम लोग खबरा कर एक डाक्टर के पास गये जहां पर उन्होंने जिला अस्पताल जाने की सलाह दी।
डाक्टर ने बताया कि सही इलाज के लिए प्रताप को भर्ती करना पडे़ेगा। ढ़ाई साल के इश्लोक के परिजनों ने बताया कि पिछले आठ तारिख से ही बच्चें को बुखार और झटका आने पर भर्ती कराया गया। जिसकी हालत अब पहले से ठीक है। 7 साल के राजन के परिजनों ने बताया कि शनिवार को अचानक राजन की तबीयत बिगड़ने पर भर्ती कराया गया फिलहाल तबीयत में सुधार हैं। ऐसे ही तमाम बच्चें है जो गंभीर परेशानी से आईसीयू वार्ड में जूझ रहे है।