महराजगंज। अत्यधिक जंक फूड खाने और आउटडोर खेल में रुचि न लेने से बच्चे तेजी से शुगर की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ के पास हर माह औसतन दो बच्चे शुगर से पीड़ित आ रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल चौधरी का कहना है कि सामान्य तौर पर माना जाता है कि उम्रदराज लोगों में ही शुगर की बीमारी होती है, लेकिन ऐसा नहीं है। फास्ट व जंक फूड के अत्यधिक सेवन, कम खेलने-कूदने, असंतुलित हार्मोन आदि से बच्चे तेजी से शुगर की चपेट में आ रहे हैं। यदि बच्चे को रात में प्यास लगती है अथवा बार-बार पेशाब आता है या वजन नहीं बढ़ता है तो परिजनों को तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
शुगर का स्तर लगातार बढ़े रहने से आंखों की रोशनी कम हो जाती है। चक्कर आने लगते हैं और किडनी प्रभावित होती है। हर माह औसतन दो बच्चे शुगर के रोगी आने रहे हैं। बच्चों का बेहतर ढंग से इलाज किया जाता है।
बच्चों में शुगर की वजह
अव्यवस्थित जीवन शैली, अत्यधिक फास्ट फूड का सेवन, आनुवांशिक कारण, असंतुलित हार्मोन आदि हैं।
ये हैं लक्षण
बार-बार फोड़े-फुंसी होना, वजन व कम लंबाई, बार-बार भूख लगना, खाने के बाद भी वजन का कम होना, बार-बार प्यास लगना तथा पेशाब आना, बच्चों का अचेत होना, चक्कर आना आदि।