मुख्यमंत्री अभ्युदय में चयनित केवलापुर खुर्द का कंपोजिट विद्यालय।
महराजगंज। परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ ही बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कंपोजिट विद्यालय केवलापुर खुर्द को मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट स्कूल के तौर पर विकसित किया जाएगा।
विद्यालय में स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, कंप्यूटर, ग्रीन बेल्ट के साथ ही पेयजल, शौचालय, चहारदीवारी, रसोईघर आदि की बेहतर व्यवस्था की जाएगी। स्कूल को हाईटेक संसाधन के साथ खेल-कूद समेत अन्य सुविधाओं से लैस करते हुए पंजीकृत विद्यार्थियों को शिक्षा निजी स्कूलों से बेहतर मिलेगी। यही नहीं आधुनिक कंप्यूटर ज्ञान के साथ स्क्रीन पर शिक्षण कार्य करने की सुविधा मिलेगी। इस विद्यालय में 200 से अधिक छात्र छात्राएं अध्ययन करेंगे। वहीं मुख्यमंत्री माडल कंपोजिट विद्यालय के लिए अभी तक जमीन नहीं मिल सकी है। शिक्षा विभाग के साथ राजस्व विभाग भी जमीन की तलाश करने में लगा है। जिले के किसी भी विद्यालय में इतनी जमीन नहीं है जहां माडल स्कूल बनाया जा सके। माडल स्कूल बनाने के लिए कम से कम पांच एकड़ से लेकर दस एकड़ तक जमीन की आवश्यकता है। विभाग जमीन की तलाश करने में लगा है, लेकिन उसकी तलाश पूरी नहीं हो पा रही है।
मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट स्कूल एव माडल स्कूल को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। जिला मुख्यालय के आसपास इस विद्यालय को बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। जिससे हर क्षेत्र के बच्चों को इसका लाभ मिल सके।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रवण गुप्ता ने बताया कि विभाग के स्कूलों में शासन स्तर से बड़े बदलाव हो रहे हैं। शासन से मिले निर्देश के अनुसार जिले में मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट स्कूल एवं मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल बनाया जाना है। मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट स्कूल के लिए स्कूल का चयन कर लिया गया है। सदर ब्लाक के केवलापुर खुर्द के कंपोजिट स्कूल को अभ्युदय स्कूल के तहत विकसित किया जाएगा। शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। इसके निर्माण के लिए शासन विभाग को बजट जारी करेगा, उसके बाद निर्माण आरंभ कराया जाएगा। यह स्कूल कक्षा एक से लेकर आठ तक होगा और इसे उच्चीकृत किया जाएगा। स्कूलों में और भवन भी बनाए जाएंगे। जिले में एक मुख्यमंत्री माडल कंपोजिट विद्यालय भी बनाने की तैयारी चल रही है। यह प्री प्राइमरी से लेकर इंटरमीडिएट तक होगा। यह पूरी तरह से नया विद्यालय होगा। इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है। शासन ने स्कूल के चयन के लिए जो शासनादेश जारी किया है उसके अनुसार इस स्कूल को जिला मुख्यालय या ब्लॉक मुख्यालय पर बनाया जाना है। माडल स्कूल के लिए जमीन मिलते ही इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया जाएगा।