करोड़ों खर्च के बाद भी सड़क पर घूम रहे छुट्टा पशु बने मुसीबत
छुट्टा पशुओं के रखरखाव में एक साल में खर्च होते 1.30 करोड़ रुपये, प्रति पशु खर्च होते हैं 30 रुपये एक दिन में
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। शहर से लेकर गांव तक छुट्टा पशुओं से लोग परेशान हैं। सड़क पर इधर-उधर घूम रहे छुट्टा पशु दुर्घटना के कारण बन जाते हैं। कभी-कभी तो ये इतने हिंसक हो जाते हैं कि लोगों की जान पर बन आती है। करीब तीन माह पहले शहर में जिला उद्योग केंद्र के सामने जाने वाली सड़क के सामने पूर्व सीएमएस डॉ. एके राय को सांड़ ने हमला कर घायल कर दिया था। इसी तरह से अन्य लोग भी अक्सर घायल होते रहते हैं।
जिले में पांच अस्थायी गोआश्रय में 608 पशु रहते हैं। गोसदन मधवलिया में 96, कान्हा हाउस निचलौल, घुघली, सदर में 114 पशु, 12 कांजी हाउस में 223 पशु और दो वृहद गो संरक्षण केंद्र में 154 छुट्टा पशु रहते हैं। 1195 छुट्टा पशुओं को रखा गया। प्रत्येक पशु पर एक दिन में 30 रुपये खर्च होते हैं। एक साल में करीब 1.30 करोड रुपये खर्च होते हैं। छुट्टा पशुओं को रखने के लिए व्यवस्था के बाद भी शहर में यह इधर-उधर घूमते मिल जाते हैं।
सोमवार को शहर के गांधी नगर मोहल्ले में बगीचे के पास सड़क के किनारे छुट्टा पशु घूम रहे थे। सड़क से गुजरने वाले लोग उन्हें देखकर रुक जा रहे थे। करीब एक घंटे तक यह क्रम जारी रहा। इसी तरह से फरेंदा रोड पर भी इधर-उधर छुट्टा पशु घूमते रहते हैं। उन्हें पकड़कर गो आश्रय भेजवाने में किसी को रुचि नहीं है।
सड़क पर आराम से टहलते हैं छुट्टा पशु नौतनवां कस्बे में छुट्टा पशु सड़क पर घूमते हैं। इससे लोगों को आने में परेशानी होती है। कभी-कभी तो छुट्टा पशु उग्र होकर सड़क पर ही दौड़ने लगते हैं। नगर में छुट्टा पशुओं की भरमार होने से आए दिन जाम की समस्या बढ़ती जा रही है। इससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। नगर पालिका प्रशासन इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। कस्बे में इन दिनों छुट्टा पशुओं की भरमार है। बीच सड़क में बैठना, आपस में लड़ना वाहनों के बीच से निकलने से जाम की स्थिति बनी रहती है। पशुओं को आपस में लड़ने से मोटर साइकिल सवार टकराकर जख्मी भी हो जाते हैं।
नगर के गांधी चौक, जयहिंद चौराहा, अस्पताल चौराहा, घंटाघर, स्टेशन चौराहा पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। इस बीच पशुओं का समूह आ जाने से राहगीरों के लिए और समस्या हो जाती है। घंटाघर चौराहे पर रेलवे माल गोदाम पर जाने वाले मालवाहक ट्रकों से जाम की समस्या रहती है।
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अधिकारी समस्या पर गंभीर नहीं
राम सिंहासन यादव ने बताया कि छुट्टा पशुओं का झुंड नगर घूमते रहते हैं। इससे आने-जाने में समस्या होती है। अधिकारी समस्या पर गंभीर नहीं हैं। अटल सिंह ने बताया कि वाहन चलाते समय नगर में अक्सर पशु सड़क में आ जाते हैं। दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। नगर पालिका प्रशासन छुट्टा पशुओं को गोसदन भेजवाने की दिशा में ध्यान नहीं दे रहा है।
कोट
सात माह में 50 पशु मधवलिया गो सदन भेजे गए हैं। बाकी पशुओं को भी पकड़कर भेजा जा रहा है। टीम प्रत्येक दिन शहर में भ्रमण कर छुट्टा पशुओं को पकड़ती है।
सुनील कुमार सरोज, अधिशासी अधिकारी, नौतनवां
कोट
छुट्टा पशुओं को गोआश्रय केंद्र भेजने के लिए निर्देश हैं। इसमें लापरवाही होने पर जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। पशुओं के रखरखाव के लिए समुचित प्रबंध है।
-सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी
केस नंबर एक
दो माह पहले राजीव नगर के राकेश को सांड़ ने हमला कर घायल कर दिया था। वह बाइक से जा रहे थे तो सड़क के बीच में अचानक सांड़ आ गया। गनीमत रही कि अधिक चोट नहीं लगी।
केस नंबर दो
गांधी नगर के रहने वाले विवेक कुमार ने बताया कि तीन माह पहले घर से निकलने के दौरान मोड़ पर ही बगीचे के पास सांड़ मिल गया। जब तक कुछ समझता तब तक उसने पीछे से हमला कर दिया। बाएं हाथ की कलाई टूट गई, प्लास्टर कराना पड़ा।