महराजगंज। सोशल साइट पर जालसाज सक्रिय हैं। बीमारी या गंभीर समस्या बताकर रकम की मांग कर रहे हैं। ठगी का शिकार होने के बाद लोगों को अहसास हो रहा है। एक डॉक्टर के फेसबुक अकाउंट को हैक करने के बाद जालसाज ने उनके रिश्तेदारों, शुभचिंतकों से रकम मांगी। किसी ने 10 तो कोई पांच हजार दे दिए। एक व्यक्ति ने डॉक्टर से पूछा तब मामले की पोल खुली।
अगर कोई आपसे रकम मांग रहा है तो सावधान रहें। यह जाने लें की जो आपसे रकम मांग रहा है वह सही है या फ्राॅड है। केएमसी डिजिटल अस्पताल के फिजियोथैरेपी अनुभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. धनंजय कुशवाहा है। बीते दिनों इनका फेसबुक अकाउंट हैक हो गया। इसकी जानकारी किसी को नहीं थी। डॉ. धनंजय के अनुसार, हैकर करीब 50 हजार रुपये से अधिक की ठगी की है।
किसी से दो हजार रुपये, तो किसी से 10 रुपये ले लिए। हैकर ने मां की बीमारी का हवाला देकर रकम मांगा तो शुभंचितकों ने कोई जांच पड़ताल नहीं की और रकम दे दी। एक मित्र ने फोन कर पूछा की मां की तबीयत खराब है क्या? यह सुनकर मैं सन्न रह गया। बताया कि दो हजार रुपये भेजा हूं। डॉ. धनंजय ने बताया कि जब मैने सच्चाई बताई तो मित्र भी हैरान हो गया।
जालसाजी की जानकारी होने के बाद तुरंत साइबर थाने में शिकायत दर्ज की। मामले में केस भी दर्ज हो चुका है। इसी तरह से लकी यादव का अकाउंट हैक हुआ था। इनके लोगों से रकम की मांग की गई थी। हैकरों ने ज्यादातर नौकरी पेशा लोगों के फेसबुक अकाउंट को निशान बनाया है।
ठगी होने पर डायल करें 1930
आईटी विशेषज्ञ अनिल कुमार विश्वकर्मा कहते हैं कि अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों की फोटो को सोशल मीडिया जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम पर डीपी के रूप में प्रयोग कर धोखाधड़ी हो रही है, इससे सावधान रहने की जरूरत है। व्हाट्सएप पर किसी भी अज्ञात नंबर से आई किसी भी प्रकार की वीडियो या ऑडियो कॉल रिसीव ना करें। ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। साइबर अपराधी अपराध करने के हर दिन नए नए तरीके अपना रहे हैं। जागरूकता से ही साइबर अपराधियों के चंगुल में आने से बचा जा सकता है।
एटीएम पिन और सीवीवी किसी से न करें शेयर
अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि फोन कॉल, एसएमएस या अन्य किसी माध्यम से ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम पिन और सीवीवी किसी के साथ भी शेयर न करें। एसएमएस और व्हाट्सएप से आए किसी भी लिंक को क्लिक न करें। किसी के भी कहने पर रिमोट एक्सेस एप जैसे क्यूक स्पोर्ट, एनीडेस्क, टीम विवर, एंड्रॉयड आदि को प्ले स्टोर से डाउनलोड न करें और न ही इनके आईडी व पासवर्ड किसी से शेयर करें।
फोन, ईमेल, एसएमएस या व्हाट्सएप पर आए नौकरी, लॉटरी जैसे विज्ञापनों पर विश्वास न करें। एटीएम से पैसे निकालते या जमा करते समय किसी भी अंजान व्यक्ति की सहायता न लें। अपने एटीएम पिन को समय समय पर बदलते रहें। फोन और ऐप को हमेशा नए वर्जन के साथ अपडेट रखें और सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर जरूरत से ज्यादा निजी जानकारियां शेयर न करें। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर तुरंत साइबर हेल्प डेस्क नंबर 1930, अपने बैंक व नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दें।