महराजगंज। सरहद पर भूसी (ब्रान) का धंधा धड़ल्ले से हो रहा है। सरहद पार होते ही दाम दोगुना हो जाता है। नेपाली क्षेत्र में 40 से 50 रुपये तो भारतीय क्षेत्र में 20 से 25 रुपये प्रति किलो ही मिल जाता है। अवैध गोदाम में बरामद 180 बोरी भूसी नेपाल जाने के लिए ही रखी गई थी। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान किया गया है। पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से सीमावर्ती क्षेत्र में खलबली मची है।
जानकारी के अनुसार 12 जनवरी को सोनौली कस्बे के बिहारी मोहल्ले में हाजी मुबारक के मकान से 180 बोरी अवैध ब्रान बरामद किया गया। इसके आधार पर केस दर्ज किया गया। आरोपी अशोक मद्धेशिया निवासी श्यामकाट थाना सोनौली व रोहित निवासी उदयपुर सेंट्रल बैंक के सामने थाना उदयपुर जोगिया जिला सिद्धार्थनगर को गिरफ्तार किया गया। इन्हीं लोगों ने गोदाम में ब्रान को रखा था। सूत्रों की माने तो ब्रान को नेपाल भेजने की योजना थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस प्रशासन की टीम ने कार्रवाई की तो कलई खुल गई।
सीमावर्ती क्षेत्र में अवैध गोदामों को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क है। इस दिशा में तेजी से कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के बिछाए जाल में तस्करी के नेटवर्क में शामिल लोग गिरफ्त में आ रहे हैं। इन दिनों बॉर्डर क्षेत्र में विशेष सख्ती बरती जा रही है। तस्करों के सिंडिकेट को तोड़ने के लिए कार्रवाई तेज कर दी गई है। सूत्रों की माने तो रेट के अंतर के कारण तस्कर ब्रान नेपाल पहुंचा रहे हैं। नेपाल के मिलों पर ब्रान महंगा मिलता है। वह भी इन दिनों नहीं मिल रहा है। इस वजह से भारतीय क्षेत्र से ब्रान की खेप कैरियर पहुंचाने में लगे हैं।
बताते हैं कि स्टोर करते समय कार्रवाई इसलिए नहीं हो पाती है कि नियम कानून की आड़ लेकर धंधेबाज आसानी से बच जाते हैं, लेकिन सघन जांच में ये फंस जाते हैं। भंडारण के बाद इनके पास दिखाने के लिए कोई प्रपत्र भी नहीं होता है। चावल के ब्रान को बड़ी आसानी से धंधेबाज खरीदते हैं। इस खेल में किसानों को कुछ नहीं मिलता है। धान कुटाई मुफ्त में करने की बात कर ब्रान आसानी से ले लिया जाता है। किसानों को लगता है कि फ्री में धान की कुटाई हो गई।
असल में यह ब्रान धंधेबाजों तक पहुंचने पर कीमती हो जाती है। नेपाल पहुंचने पर मोटी रकम मिल जाती है। ऐसे में गांव-गांव मशीन से धान की मुफ्त में कुटाई कर ब्रान को एकत्र कर लिया जाता है। इसमें कोई खतरा भी नहीं रहता है। ये धंधेबाज सीमावर्ती क्षेत्र के हर गांव के प्रत्येक किसानों के घर ही धान की कुटाई कर ब्रान लेते हैं। घर पर सुविधा मिलने के कारण आसानी से लोग धान की कुटाई करा लेते हैं।
ब्रान एकत्र होने के बाद मौका देखकर आसानी से सरहद पार कर देते हैं, क्योंकि सीमावर्ती क्षेत्र में ही रहकर अपना काम करते हैं। ऐसे में कहीं भी पगडंडी खाली देखकर ब्रान की बोरियां सरहद पार कर देते हैं। दूसरी ओर सोनौली में मिले अवैध गोदाम से ब्रान की तस्करी की पोल खुल गई। माेटा रकम बनाने के लिए इसे एकत्र किया गया था। इसे सरहद पार भेजने के लिए मौका नहीं मिला, इस बीच पुलिस प्रशासन की नजर पड़ी तो क्षेत्र में खलबली मच गई है।
सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई की गई। 180 बोरी ब्रान बरामद कर कस्टम को सौंप दिया गया। वहीं मामले में दो आरोपियों पर केस दर्ज कर चालान कर दिया गया है। क्षेत्र में अवैध गोदामों की जानकारी होने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
-सौरभ श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार तहसील नौतनवा