संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। नगर निकाय चुनाव का परिणाम आने के बाद सभी के समीकरण की हवा निकल गई। महराजगंज व घुघली शहर में मर्सी फैक्टर की लहर में प्रत्याशी चुनावी वैतरणी पार हो गए। जनता के बीच अपनी भावनाओं को बेहतर ढंग से बताने में कामयाबी मिली तो सफलता की राह आसान हो गई।
परिणाम आने पर जो विजयी हुआ वह अपनी अच्छाई को बयां करने लगा। हारने वाले अपनी कमजोरी को बताने लगे। कहां चूक हुई, पल भर में स्थिति साफ हो गई। सदस्य से लेकर अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के खेमे में दिनभर चुनाव परिणाम जानने की बेचैनी रही। हारने वाले समीक्षा करते रहे।
बात महराजगंज नगर पालिका की करें तो शुरुआत से ही इस सीट को लेकर शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। रुझान आने के बाद से ही सियासत के जानकार अपनी समीक्षा करने लगे। किसी ने मर्सी वोट को असरदार हथियार बताया तो किसी ने प्रत्याशी के प्रभाव को कम होना बताया। सबकी अलग-अलग राय रही। घुघली में भी यही हाल रहा है। यहां भी मर्सी फैक्टर ही काम आया। जिले में नगर निकाय चुनाव में मर्सी फैक्टर से चुनावी वैतरणी पार होने की चर्चा होती रही। शहर के सुभाष नगर मोहल्ले के रहने वाले डॉ. शांति शरण मिश्र कहते हैं कि शहर से सहानुभूति वोट ज्यादा पड़ा। यही कारण है कि सपा प्रत्याशी को जीत मिल गई।
कुछ इसी तरह की स्थिति घुघली में भी रही। इस बार का चुनाव परिणाम बहुत कुछ बता रहा है। इसे समझने की जरूरत है।