परसामलिक। रतनपुर रोहिन नदी से निकली नहर सूख गई है। बिना पानी के नहर के किनारे के खेती में धान की रोपाई कैसे होगी किसानों को इसकी चिंता सताने लगी है।
रतनपुर रोहिन नदी से सिंचाई के लिए एक नहर निकली है, जो रतनपुर से लेकर लक्ष्मीपुर ब्लाॅक को जोड़ती है। इस नहर की पांच शाखाएं हैं। नहर की कुल लंबाई 37 किमी है। किसानों के धान की रोपाई का समय आ गया है। धान की नर्सरी भी तैयार है, लेकिन सिंचाई के लिए बनी नहर पूरी तरह से सूखी पड़ी है। रोहिन नदी में करीब तीन वर्ष से बैराज निर्माण का कार्य चल रहा है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष मिट्टी का बांध भी नदी में नहीं बनाया गया है। यही कारण है कि नदी का पानी नहर में नहीं जा रहा है।
क्षेत्र के किसान शाहआलम, शंकर यादव, सदावृक्ष यादव, रामवृक्ष यादव, रविशंकर तिवारी, धर्मेन्द्र तिवारी, सुबाष पांडेय, विक्रम यादव, गोचर, जगदीश, मुनील यादव आदि ने बताया कि धान की नर्सरी तैयार है लेकिन नहर में पानी नहीं है। अब बरसात होने पर ही धान की रोपाई हो पाएगी।
सिंचाई खंड प्रथम जेई मुकेश कुमार का कहना है कि बैराज निर्माण का कार्य पूर्ण होने पर ही नहर में पानी जाएगा। अभी करीब तीन माह निर्माण कार्य पूर्ण होने में लग सकता है।