पुरंदरपुर थाना के कोट कम्हरिया की पोखरी का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा। जहां एक तरफ गांववालों का धरना पांचवे दिन भी जारी रहा, वहीं पूर्व पट्टा धारक ने एसडीएम के आदेश की अवहेलना करते हुए शनिवार को भी जबरिया पोखरे से शिकारमाही कराई।
इससे नाराज गांव वालों ने पोखरी पर ही एसडीएम का पुतला जलाकर विरोध जताया। समर्थन में उतरे कांग्रेस नेता अभिषेक जोशी ने 48 घंटे में कार्रवाई नहीं होने पर आरपार की लड़ाई का ऐलान किया है। नौतनवां तहसील के पुरंदरपुर थाना के कोट कम्हरिया में पोखरी का मामला शांत होने के बजाय गर्माता जा रहा है।
एसडीएम नौतनवां के आदेश से नाराज गांव वाले पोखरी की मछली सहित नीलामी कराने, पूर्व पट्टा धारकों के जिम्मे बकाया धनराशि को जमा कराने और अवैध शिकारमाही कराने के मामले में पूर्व पट्टा धारकों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराने की मांग को लेकर 14 जून से विवादित पोखरी पर ही धरने पर बैठे हैं।
हालांकि 16 जून को एसडीएम ने एक आदेश जारी कर स्वत: यह स्वीकार किया है कि पोखरे से मछली मारने के लिए पूर्व पट्टा धारकों का कोई अधिकार नहीं है। साथ ही विवाद को देखते हुए ग्राम प्रधान द्वारा भी मछली मारना उचित नहीं है।
ऐसे में तहसीलदार व एसओ को अपनी अभिरक्षा में मछली निकलवाकर नीलाम कराते हुए धन सरकारी कोष में जमा कराने को कहा गया था। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। वहीं शनिवार को दूसरे दिन भी पूर्व पट्टा धारक ने अपने दर्जनों समर्थकों के साथ पोखरे से मछली निकलर्वाई।
इससे नाराज अनशनकारियों ने शनिवार को एसडीएम नौतनवां विक्रम सिंह का प्रतीकात्मक पुतला जलाकर विरोध जताया। आंदोलन का समर्थन करते हुए कांग्रेसी नेता आलोक जोशी ने कहा कि प्रशासन यदि 48 घंटे में प्रदर्शनकारियों की मांग पर विचार करते हुए कार्रवाई नहीं करेगा तो आरपार की लड़ाई होगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
वहीं धरना पर बैठीं ग्राम प्रधान सुनीता ने कहा कि धरना के पांच दिन बीत गए लेकिन प्रशासन समस्याओं को सुनने व निराकरण कराने के बजाय मौन है। इस दौरान त्रिलोकी, जब्बार अली, इस्माइल, संतोषी, ओम प्रकाश पाठक, सच्चिदानंद पाठक, पप्पू यादव, भोला और राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।