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रावण के साथ आतंकवाद के भी पुतले जलाए

Thu, 13 Oct 2016 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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सक्सेना चौराहे पर मऊपाकड़ के खिलाडियों द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक पेश िकया गया। - फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। इस बार परंपरागत रावण को मारने के साथ लोगों ने आतंकवाद का पनाहगार बने पाकिस्तान और आतंकवादियों के विरुद्ध गुस्से का इजहार किया। जगह-जगह लोगों ने इनके पुतले जलाए। 
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पठानकोट के बाद उड़ी में आतंकवादी घटना की प्रतिक्रिया में भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर इस साल की विजयदशमी को लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ अपने गुस्से के इजहार के लिए मुफीद माना। लोगों ने जगह-जगह रावण के पुतले के साथ ही आतंकवाद का पुतला भी जलाया। दोनों समुदायों के लोगों ने मोहर्रम और विजयदशमी का पर्व शांतिपूर्वक मानाने में कोई कोर-कसर नहीं की। इस दौरान मऊपाकड़, पोस्टआफिस रोड, हनुमानगढ़ी, अमरूतियां, जयप्रकाश नगर, नगर सिंचाई कालोनी, बैकुंठपुर आदि जगहों पर लोगों उत्साह के साथ बुराई पर अच्छाई के प्रतीक विजय दशमी का पर्व मनाया।

लक्ष्मीपुर प्रतिनिधि के अनुसार, कस्बे के आदर्श दुर्गा पूजा समिति की ओर से सब्जी मंडी स्थित पंडाल में विजय दशमी पर आतंकवाद रूपी रावण का पुतला जलाया गया। इसे देखकर क्षेत्र के लोग काफी उत्साहित नजर आ रहे थे। पुतला दहन के दौरान पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे से पंडाल सहित पूरा मेला परिसर गूंज उठा। लक्ष्मीपुर कस्बे में मंगलवार को विजयदशमी के दिन सब्जी मंडी में आतंक के रावण का पुतला जलाया। यह अनूठी पहल इस दशहरे पर मिसाल बन गई।
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मेला देखने वालों के लिए यह आकर्षण का केंद्र रहा। पुतले में बुरहान वानी, अजहर मसूद, दाऊद इब्राहिम, जावेद मियांदाद, अबू अलबगदादी, परवेज मुसर्रफ, हाफिज सईद लखवी व मौलाना अब्दुल रहमान जैसे आतंकवादियों के साथ ही नवाज शरीफ को आतंकवाद का संरक्षक बताया गया था। समिति के लोगों का कहना था कि देश के बहादुर सैनिकों ने वाकई इस दशहरे को खास कर दिया है। पुतला दहन के दौरान पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारों ने मेले में मौजूद हर व्यक्ति में उत्साह भर दिया। लिहाजा पूरा कस्बा पाक मुर्दाबाद के नारों से गूंज उठा। क्षेत्र के लोगों ने समिति की खूब सराहना की।

अड्डा बाजार, रतनपुर, संपतिहां   क्षेत्र की प्रतिमाएं मंगलवार की शाम से देर रात तक नजदीकी नदियों में विसर्जित कर दी गईं। इसके साथ ही पंडाल सूने हो गए और दस दिनों की चहल पहल समाप्त हो  गई। शांति व्यवस्था के लिए पुलिस चौकस रही।

अड्डा बाजार के चारों अखाड़े, बैजनाथपुर उर्फ चरका, भैसहिया पाठक, करैला अजगरहा, चमैनिया उर्फ भेड़ही, परसौनीकला के पिपरहिया, गजरहीं, बरवांखुर्द एवं दुर्गापुर चौराहा की दुर्गा, गणेश, सरस्वती, लक्ष्मी और कार्तिकेय जी की प्रतिमाएं डूड़ी नदी में विसर्जित हुईं। रास्ते में भक्त नाचते जयकारे लगा रहे थे। संपतिहां, पैसिया बाबू, कौलहीं, बरवांकला, चौतरवां चौराहा एवं बैरिया बाजार की प्रतिमाएं डंडा नदी में विसर्जित की गईं।

जबकि खोरिया, सिरसिया, परसा, रामनगर,  कड़जहिया, मिलन चौराहा, कजरी, मणि चौराहा, चखनी चौराहा, दशरथपुर, चकदह, जमुहानी, रतनपुर, महदेइ़या, पेड़ारी, भगवानपुर, सेखुआनी एवं जंगल गुलरिहा की प्रतिमाएं रोहिन में विसर्जित हुईं। नौतनवां सीओ लच्छीराम यादव, थानाध्यक्ष रामायण यादव भ्रमण कर जायजा लेते रहे।  संपतिहां, खोरिया व अड्डा चौकी पुलिस क्षेत्र में मुस्तैद रहे। 

नौतनवा प्रतिनिधि के अनुसार, पड़ाव सब्जी मंडी में दशहरा मेले में नगर एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान देर शाम रावण पुतला दहन का आयोजन किया गया। दस दिन चली रामलीला का भी समापन रावण वध से समाप्त हो गया। मेले में आसपास क्षेत्रों के अलावा नेपाल के लोग शामिल हुए।  मिठाई, चाट एवं बच्चों के खिलौने की दुकानों पर लोगों की भीड़ दिखी।
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