महराजगंज जिले में ठंड व गलन का प्रभाव कम नहीं हो रहा है। बृहस्पतिवार की सुबह घने कोहरे ने वाहनों की रफ्तार को सुस्त कर दिया है। ठंड व गलन ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। न्यूनतम तापमान सात डिग्री व अधिकतम तापमान 20 डिग्री दर्ज किया गया।
बृहस्पतिवार की सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। घने कोहरे से वाहन चालकों को वाहन चलाने में काफी दुश्वारियां हुईं। नगर के राष्ट्रीय राजमार्ग पर छोटे व बड़े वाहन लाइट जलाकर चलते पाए गए। कोहरे का प्रभाव इस कदर था कि लोगों के वाहन की रफ्तार सुस्त देखी गई। गोरखपुर से महराजगंज की जो दूरी वाहन चालक अधिकतम डेढ़ घंटे में तय करते थे, कोहरे के कारण उस दूरी को तय करने में उन्हें दो से ढाई घंटे लग गए।
वाहन चालक अविनाश ने बताया कि वे प्रतिदिन गोरखपुर से मुख्यालय आते हैं। घना कोहरा होने से आज आधा घंटा अधिक समय लगा। सुबह 11 बजे के बाद कोहरा कम तो हो गया, मगर ठंड व गलन बरकरार रही। दिन में एक बजे सूर्यदेव के दर्शन तो हुए, मगर वह भी बेदम दिखे। ठंड व कोहरे से बचने के लिए लोग अलाव के पास बैठे नजर आए। नगर में कार्य करने वाले अमित ने बताया कि ठंड व गलन ने दिनचर्या को प्रभावित किया है। देर शाम को गलन ने एक बार फिर सभी को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया।
25 स्थानों पर दिखा अलाव का प्रबंध
ठंड व गलन को देखते हुए निकाय प्रशासन ने शहरी क्षेत्र में 25 जगहों पर अलाव जलवाया है, अन्य निकायों में इक्का-दुक्का स्थानों पर अलाव जलवाने की व्यवस्था की गई है। परतावल, शिकारपुर, बरगदवां, ठूठीबारी, मिठौरा, धानी, कोल्हुई आदि प्रतिनिधियों के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्र में कहीं अलाव की व्यवस्था नहीं है।
ठिठुरते स्कूल पहुंच रहे विद्यार्थी
माध्यमिक स्कूल खुले होने से छात्र-छात्राएं ठिठुरते हुए स्कूल पहुंच रहे हैं। मजबूरी में वे बचाव के प्रबंध के साथ स्कूल तो पहुंच रहे हैं, मगर अभिभावकों को यह डर सता रहा है कि उन्हें कहीं ठंड न लग जाए। रमेश, रोशन आदि अभिभावकों ने कहा कि ठंड को देखते हुए विद्यालय व विभाग को सतर्कता दिखानी चाहिए।