महराजगंज। जिला अस्पताल में करीब दो साल पहले से ही ब्लड सेप्रेशन यूनिट लगाई गई है, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण ठीक से संचालित नहीं हो रहा है। लोगों को काफी परेशानी हो रही है। जिम्मेदार समस्या को लेकर गंभीर नहीं है।
जिला अस्पताल के ब्लडबैंक कंपोनेंट यूनिट के लिए चार मशीनें लगाई गईं हैं। यह अब तक शुरू नहीं हो सकी। सभी मशीनों को स्टाल भी किया जा चुका है। इसमें सेंट्रीफ्यूज मशीन में तकनीकी खराबी के कारण मशीन नहीं चल रही है, जिससे यूनिट बंद है। जिला अस्पताल के ब्लड कंपोनेंट यूनिट में ब्लड को प्लेटलेट, प्लाजमा सहित अन्य तत्व में बांटकर जिसे जिसकी जरूरत पड़ती उसे वही तत्व दिया जाता। एक यूनिट खून से तीन लाेगों की जान बचाई जा सकती है।
ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. भानू प्रताप सिंह ने बताया कि ब्लड सेप्रेशन यूनिट में सेंट्रीफ्यूज मशीन सही से काम नहीं कर रही है। मशीनों को स्टाल करने वाली कंपनी को पत्र भेजा गया है। सुधार के लिए कोई भी इंजीनियर नहीं आया है।
यह लगाई गई हैं मशीनें
जिला अस्पताल के ब्लड सेप्रेसन यूनिट में सेंट्रीफ्यूज मशीन, बीबीआर, लेमीनार, वाटर बार मशीन लगाई गई है।
900 क्षमता वाले ब्लड बैंक में 11 यूनिट खून
महराजगंज। इस समय ब्लड बैंक में केवल 11 यूनिट ही ब्लड बचा है। इसकी क्षमता 900 यूनिट की है। दो या दो से अधिक लोगों को एक ही ब्लड ग्रुप की जरूत पड़ जाए तो मिलना मुश्किल है। ब्लड बैंक की ओर से बताया गया कि यदि किसी को जरूरत पड़ती है तो डोनर बुलाए जाते हैं। ब्लड बैंक से मिली जानकारी के अनुसार, इस समय ब्लडबैंक में केवल ओ निगेटिव के दो, ओ पॉजिटिव के तीन, ए पॉजिटिव का एक, ए निगेटिव का एक, बी पॉजिटिव का एक, ए निगेटिव दो, एबी पाॅजिटिव का एक यूनिट ब्लड बचा है। वहीं एबी निगेटिव का एक भी यूनिट ब्लड नहीं है।