महराजगंज। जंगल जरलहा उर्फ तेंदुअहिया में 55 एकड़ जमीन पर पर धोखाधड़ी से काबिज होने के मामले को लेकर भाकियू ने शनिवार को लखनऊ की ओर कूच किया है। सड़क मार्ग से जिलाध्यक्ष राम अशीष यादव के साथ संगठन पदाधिकारियों ने ‘’न्याय दो’’ पदयात्रा जिला मुख्यालय से शुरू की।
सदर तहसील के जंगल जरलहा में 55 एकड़ भूमि प्रेम किशोर के नाम थी जो क्षेत्र के जमींदार थे। 1984 में उनकी मृत्यु के बाद वारिस नहीं होने पर 1996 में उक्त जमीन को सरकार के नाम घोषित कर दिया गया। इसके बाद गांव के 37 अनुसूचित किसानों में यह भूमि पट्टे पर वितरित हुई। भाकियू नेता का आरोपी है कि 9 वर्ष पहले एक व्यक्ति ने कूट रचित दस्तावेज के जरिये खुद को प्रेम किशोर का वारिस बताकर सभी जमीनों को अपने नाम दर्ज करा लिया। अब गलत तरीके से बेदखल करने पर आमादा है।
किसानों की इस समस्या को लेकर भाकियू 4 नवंबर से जिला मुख्यालय पर अनिश्चित कालीन धरने पर थी।
इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर भाकियू के नेता ‘’न्याय दो’’ पद यात्रा के जरिये लखनऊ प्रस्थान कर चुके हैं। जिलाध्यक्ष राम अशीष ने लखनऊ रवानगी से पहले किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री गरीबों, किसानों के मसीहा हैं। हम इस धोखाधड़ी को उनके सामने प्रस्तुत कर किसानों के लिए न्याय लेकर लौटेंगे। इस अवसर पर मुराली प्रसाद, सुरेश साहनी, हरिश्चन्द्र पांडेय व अन्य मौजूद रहे।