फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharajganj News: सावधान रहें... छूट के झांसे में फंसे तो बैंक खाता हो जाएगा खाली

विज्ञापन
विज्ञापन
जांच-पड़ताल करने के बाद ही खोलें ऑनलाइन लिंक, किसी को न बताएं पिन नंबर या ओटीपी संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

महराजगंज। त्योहारी सीजन में अगर आप ऑनलाइन खरीदारी कर रहे हैं तो सावधान रहने की जरूरत है। थोड़ी सी लापरवाही से आपका बैंक खाता खाली हो सकता है। कुछ लोग ठगी के शिकार भी हो चुके हैं। उन्हें सामान मिला और न ही रकम मिली। दोनाें गंवा करवे लोग हाथ मलते ही रह गए। इसलिए मोबाइल फोन या ईमेल पर आने वाले ऑफर के लिंक की पड़ताल करने के बाद ही उसे खोलें। पुलिस ने भी लोगों को सतर्क करना शुरू कर दिया है।
रविवार से नवरात्र शुरू हो चुका है। इस कारण सोशल मीडिया पर लुभावने ऑफर की भरमार है। त्योहार के सीजन में लोग जमकर खरीदारी करते हैं, ऐसे में साइबर ठग खरीदारी पर भारी छूट का झांसा देकर लोगों को फंसाते हैं। भारी डिस्काउंट देखकर लोग लिंक खोलते हैं और ठगी के शिकार हो जाते हैं। ऑफर से जुड़े लिंक भी सोशल मीडिया पर हैं। इनमें साइबर ठगों के फर्जी लिंक भी शामिल हो सकते हैं, जिन पर क्लिक करने से आपका खाता खाली हो सकता है।
विज्ञापन

त्योहार के समय में साइबर ठग होटल बुकिंग, सस्ते दाम पर फ्लाइट बुकिंग, ऑनलाइन खरीदारी, इलेक्ट्रानिक सामान पर भारी छूट आदि तरीके इस्तेमाल कर लोगों को चूना लगाते हैं। इसलिए भारी छूट के विज्ञापन अगर सोशल मीडिया पर नजर आते हैं, तो सावधान रहने की जरूरत है। साइबर ठग लोगों को शिकार करने के लिए फर्जी विज्ञापन देकर भी जाल में फंसाते हैं और लिंक के जरिये खाते की जानकारी हासिल कर ठगी करते हैं। इसलिए त्योहार के सीजन में लुभावने ऑफर मिलने पर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

केस नंबर एकशास्त्री नगर के दीपक ने ऑफर देखकर शर्ट पैंट खरीदने के लिए एक लिंक पर क्लिक किया। उनके खाते से 1500 रुपये कट भी गए और पैंट-शर्ट भी नहीं आया। बाद में उनको ठगी होने का पता चला।
-
केस नंबर दो- शास्त्री नगर के डॉ. देव ने बताया कि काफी समय से ऑनलाइन खरीदारी करता हूं, लेकिन इस बार झांसे में फंस गया। ऑफर देखकर ऑनलाइन धोती-कुर्ता की बुकिंग की तो सिर्फ कुर्ता आया। सामान वापस कर दिया, लेकिन रकम आज तक नहीं मिली।
विज्ञापन

-
ये बरतें सावधानी
किसी को आधार कार्ड या पैनकार्ड का ब्योरा न भेजें।
किसी नए लिंक पर क्लिक न करें आपकी निजी जानकारी ठगों को मिल सकती है।
किसी ऑफर या इनाम के झांसे में न आएं। किसी को ओटीपी न बताएं, बैंक संबंधी डिटेल न दें।
वीडियो कॉल पर न्यूड वीडियो बनाकर ठगी के मामले बढ़े हैं, इनसे सावधान रहें। रात में सोते वक्त मोबाइल पर इंटरनेट बंद करना भी ठगी से बचाता है।
फिजूल के एप डाउनलोड करने से बचें।
ठगी होते ही टोल फ्री नंबर 1930 पर कॉल करें।
ठगी का पता चलते ही तत्काल cybercrime.gov.in भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
-
ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए समय-समय पर लोगों को जागरूक किया जाता है। ऑनलाइन खरीदारी के दौरान जांच परखने के बाद ही बुकिंग करें। साइबर सेल के जरिए लोगों की समस्याओं का समाधान भी कराया जाता है।
आतिश कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें