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Maharajganj News: 23 नवंबर से बैंड-बाजा-बरात की धूम, शाही ब्याह को लेकर बाजार गुलजार

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दुर्गा मंदिर के पास कपड़े की खरीदारी करती महिलाएं।संवाद
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-खरीदारी में जुटे लोग, शादी ब्याह के समय में सड़कों के किनारे वाहन खड़े होने से बढ़ेगी जाम की समस्या संवाद न्यूज एजेंसी
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महराजगंज। देवोत्थान एकादशी का पर्व 23 नवंबर को धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। मंदिरों से लेकर घरों में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके साथ ही लंबे समय से शुभ कार्यों पर लगी रोक हट जाएगी और विवाह व अन्य शुभ कार्यों का श्रीगणेश हो जाएगा। शादी-ब्याह सीजन को लेकर बाजार भी गुलजार हो गए हैं। लोग खरीदारी में जुट गए हैं। शहर में मैरिज हाल संचालक पार्किंग की व्यवस्था करने में जुट गए हैं।
21 नवंबर को भी पूरे दिन बाजारों में खासी चहल-पहल दिखाई दी। शादियों को लेकर लोग खरीदारी में व्यस्त रहे। कपड़े, आभूूषण, चूड़ियां आदि की दुकानों पर अधिक भीड़ देखी गई। धर्मशाला व गेस्ट हाउस में भी सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक देवोत्थान एकादशी से पहले भगवान नींद में होते हैं। इसके चलते शुभ कार्यों पर पूरी तरह से रोक रहती है। कार्तिक माह में पड़ने वाली एकादशी को देवोत्थान एकदाशी व देव दिवाली भी कहते हैं।
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इस दिन से शुभ कार्यों पर लगी रोक हट जाती है, और शादी का सीजन शुरू हो जाता है। बृहस्पतिवार को देवोत्थान एकादशी का पर्व धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। घर-घर व मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। देवोत्थान एकादशी के अवसर जिले भर में दो से अधिक शादियों की धूम रहेगी। शहर में 25 से अधिक मैरिज हाल हैं। शादी सीजन को लेकर बाजार पूरी तरह से गुलजार हो गए हैं। जिन घरों इस सीजन में शादी हैं वह लोग पूरी तरह तैयारियों में जुटे हुए हैं। कपड़े, बर्तन, साड़ी, ज्वेलर्स, इलेक्ट्रानिक्स व अन्य सामानों की खरीदारी कर रहे हैं। जिसके चलते बाजारों में अच्छी-खासी भीड़ उमड़ रही है।
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बैंडबाजा, गेस्ट हाउस व धर्मशाला सब तैयार
शादी सीजन को लेकर बैंडबाजा, धर्मशाला व गेस्ट हाउस संचालकों ने तैयारी पूरी कर ली है। बैंडबाजा बजाने वाले कलाकर शादियों को लेकर रिहर्सल करने में जुटे हुए हैं। गेस्ट हाउस व धर्मशालाओं को रंगाई-पुताई व डेकोरेशन कर सजा कर अंतिम रूप दिया जा रहा है।

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शादियों को लेकर लोगों द्वारा खरीदारी की जा रही है। बृहस्पतिवार से शादी शुरु हो रही हैं। इसके लिए लोगों द्वारा ज्वेलर्स की खरीदारी की जा रही है।
-सतीश सोनी, सराफा कारोबारी।
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बृहस्पतिवार को देवोत्थान एकादशी है। देवोत्थान एकादशी के साथ सहालगी की शुरुआत हो जाएगी। शादियों को लेकर ग्राहक आ रहे हैं और खरीदारी कर रहे हैं।
-आकाश अग्रवाल, कपड़ा व्यावसायी
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मैरिज को ठीक कराया जा रहा है। पार्किंग की समस्या को देखते हुए जगह तलाश ली गई। बुकिंग 30 से ज्यादा बुकिंग हो चुकी है। अभी लोग बुकिंग कराने आ रहे हैं। सारी व्यवस्था दुरूस्त की जा रही है। जिससे की समस्या न हो।
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-नवीन पटवा,मैरिज हाल संचालक
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अलग-अलग तिथियों में 29 दिनों तक शहनाई इस बार गूंजेगी
ज्योतिषाचार्य पंडित दिवाकर मणि त्रिपाठी ने बताया कि देवोत्थान एकादशी 23 नवंबर बृहस्पतिवार को रहेगी। इसी दिन भगवान चाह माह बाद जागेंगे। इसी दिन से तुलसी विवाह के साथ-साथ विवाह के लिए शहनाई गूंजेगी। 147 दिन बाद मङ्गल ध्वनि के स्वर गूंजेंगे। इस वर्ष 23 नवंबर से 29 नवंबर तक विवाह मुहूर्त रहेंगे। दिसंबर में 3, 4, 7, 8 व 9 जनवरी में 18, 21, 22, 29, 30 31 व फरवरी महीने में 1, 6, 14, 17, 18 एवं मार्च में 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8 व 9 तक सहालग रहेंगी। अलग-अलग तिथियों में 29 दिनों तक शहनाई इस बार गूंजेगी। कार्तिक माह में पड़ने वाली एकादशी को देवोत्थान एकादशी व देव दिवाली भी कहते हैं। इस दिन से शुभ कार्यों पर लगी रोक हट जाती है और शादी विवाह का सीजन शुरू हो जाता है।
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