सिद्धार्थनगर। अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम हिमांशु दयाल श्रीवास्तव ने हत्या के प्रयास व बलवा के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के खरगवार गांव निवासी सानंद उपाध्याय 22 अक्टूबर से जेल में बंद है। उस पर दो पक्षों के मध्य हुए मारपीट में धारदार हथियार से चोट कारित करते हुए गंभीर रूप से घायल करने के आरोप है।
घटना शोहरतगढ़ थानाक्षेत्र के खरगवार गांव में रात के वक्त हुआ था जिसमें दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुआ था। 21 अक्टूबर 2023 की रात देवीशंकर उपाध्याय ने शोहरतगढ़ थाने पर तहरीर दर्ज करवाया। उसने आरोप लगाया कि गांव के पप्पू उर्फ त्रियुगी उपाध्याय, सानंद उपाध्याय, नीरज उपाध्याय व धीरज उपाध्याय एक राय गोलबंद होकर वादी के घर पर आकर जान से मारने की नीयत से फरसा व लाठी डंडा व कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। उसके पिता धर्मात्मा उपाध्याय व भाई रमाशंकर उपाध्याय उर्फ सोनू को बुरी तरह से मारने लगे तथा वादी को भी गाली गुप्ता देते हुए लाठी डंडा व फरसा से मारने पीटने लगे व कहने लगे कि आज हम लोग तुम्हारे पूरे परिवार को जान से मार देंगे। शोर मचाने पर गांव मुहल्ले के लोग मौके पर आये और जान बचाई। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया और विवेचना किया। अभियुक्त सानंद उपाध्याय ने द्वितीय जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल करके कहा कि वह निर्दोष है तथा कोई जुर्म कारित नहीं किया है। वादी मुकदमा व उसके परिजन आपराधिक इतिहास के व्यक्ति हैं तथा रास्ते के विवाद की वजह से वे गोलबंद होकर हम लोगों पर हत्या का प्रयास करते हुए गंभीर रूप से मारपीट करते हुए धमकी दंगा व बलवा कारित किया है। जिसके संबंध में इन पर पहले ही केस दर्ज करवाया गया है। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के राजनीतिक प्रभाव में आकर केस दर्ज कर लिया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर जमानत का आधार न पाते हुए खारिज कर दिया।