नाराज निजी चिकित्सक डीएम से मिले
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महराजगंज। प्रशासन के स्तर से की जा रही कार्रवाई से नाराज प्राइवेट चिकित्सक बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी से मिले। प्राइवेट चिकित्सकों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर उत्पीड़न व दुर्व्यवहार पर रोक लगाने तथा अस्पतालों के पंजीकरण व नवीनीकरण की मांग की। ऐसा न होने पर चिकित्सकों ने बेमियादी हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी।
चिकित्सकों ने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि प्रशासन द्वारा बिना किसी ठोस कारण व सूचना के जांच व मानक पूरा न होने की बात कह चिकित्सकीय कार्य में बाधा डाला जा रहा है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया है कि चिकित्सकों की समाज में गरिमा है लेकिन उनकी गरिमा की अनदेखी कर जांच के दौरान दुर्व्यवहार किया जाता है। प्रशासन की तरफ से कुछ दिनों के अंदर की गई कार्र्रवाई के कारण प्राइवेट चिकित्सकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सकों ने ज्ञापन में यह आरोप भी लगाया है कि बिना किसी ठोस कारण व उचित जांच के बगैर बुधवार को एक प्राइवेट अस्पताल सील किया गया तथा चिकित्सकों को चिकित्सकीय कार्य से रोका गया। पिछले एक साल के दौरान नए अस्पताल का लाइसेंस जारी नहीं किया गया जबकि अप्रैल 2018 के बाद किसी प्राइवेट अस्पताल के लाइसेंस का नवीनीकरण भी नहीं किया गया। उनका यह आरोप भी था कि आयुष चिकित्सकों को प्रैक्टिस करने से रोका जा रहा है और प्रशासन के अधिकारी उनके साथ अभद्र व्यवहार भी कर रहे हैं। मरीजों की शिकायत की जांच के बगैर एकतरफा कार्रवाई कर प्राइवेट अस्पताल बंद करा दिए जा रहे है। ज्ञापन देने वालों में डॉक्टर सीपी सिंह, डॉक्टर भरत ठाकुर, डॉक्टर रमेश पटेल, डॉक्टर पीएनपी सिंह, डॉक्टर संतोष, डॉक्टर पीके श्रीवास्तव, डॉक्टर हेमंत, डॉक्टर सलीम, डॉक्टर एएन खुशरू, डॉक्टर निरूपमा उपाध्याय, डॉक्टर अरुण कुमार आदि शामिल रहे।