महराजगंज। साइबर ठगों ने मोबाइल पर संदेश भेजकर झांसा देना शुरू कर दिया है। संदेश आएगा की इतने रुपये जमा हो गए हैं। इस लिंक को क्लिक करते ही खाते से रकम कट जा रही है। अनजाने में कई लोग जालसाजों की इस चाल का शिकार हो चुके हैं और लिंक क्लिक करने से उनके खाते से रकम कट गई। किसी का पांच हजार कटा तो किसी का दो हजार, अनजाने में लोग रकम गवां कर हाथ मलते रह गए। मुजहना गांव के वीरेंद्र दिल्ली में एक निजी कंपनी में काम करते हैं। वह कुछ दिन पहले घर आए थे। सुबह के समय मोबाइल देख रहे थे। इस बीच एक संदेश आया कि खाते में 20,000 रुपये जमा हो गए हैं, उन्हें कुछ समझ में नहीं आया। उन्होंने भेजे गए लिंक पर क्लिक किया तो एक झटके में खाते से पांच हजार रुपये कट गए।
जब तक वह कुछ समझ पाते तब तक वह धोखाधड़ी के शिकार हो चुके थे। इसकी शिकायत उन्होंने कहीं नहीं की।
शास्त्री नगर मनीषा सिंह भी धोखाधड़ी का शिकार हो गईं। वह देवरिया से अपनी बहन के घर शास्त्रीनगर में तीन दिन पहले आई थी। उनके पास एक फोन आया कि आपके खाते में 50 हजार रुपये चला गया है। आपके खाते में दिखने के लिए एक लिंक भेजा गया है, आप लिंक पर क्लिक कर दें।
बातों पर भरोसा करके उन्होंने ज्यों ही लिंक क्लिक किया। वैसे ही गूगल पे का एप खुल गया। उसमें लिंक पर क्लिक करते ही खाते से पांच हजार रुपये चले गए। असल वह लिंक रिक्वेस्ट मनी का था, इस वजह से क्लिक करते ही खाते से रकम कट गई। उन्होंने इसकी शिकायत एप के माध्यम से दर्ज कराई। इसी तरह से अन्य लोग भी अनजाने में धोखाधड़ी के शिकार हो रहे हैं। दूर बैठे जालसाज खाते से रकम हजम कर किनारा कस ले रहे हैं।
डिजिटल अरेस्ट एडवांस स्कैम : आईटी विशेषज्ञ अनिल विश्वकर्मा ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट स्कैम एक नए तरीके का और एडवांस स्कैम है। इसकी शुरुआत आमतौर पर एक फोन कॉल से होती है, जिसमें उसे अवैध सामान या तस्करी से जुड़े अपराध में फंसाने की धमकी दी जाती है। ठग वीडियो कॉल के माध्यम से पुलिस अधिकारी बनकर पीड़ित से जुड़ते हैं। लोग डर के कारण पैसे ट्रांसफर कर देते हैं। ये ठग लोगों को वीडियो कॉल पर लगातार बने रहने के लिए कहते हैं।