मां को ढूंढने खेत की ओर निकली थी युवती, घटना के बाद घंटे भर मची रही अफरा-तफरी
पांच माह बाद होने वाली थी शैरुन की शादी, दहशत में हैं गांव के लोग
महराजगंज/निचलौल। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के निचलौल वन रेंज से सटे गांव बढ़या मुस्तकील गांव के टोला गेठीहवा में शैरुन निशा मां को ढूंढने के लिए खेत की ओर निकली थी। इसी बीच गन्ने के खेत में छिपे तेंदुआ ने हमला कर युवती को मार डाला। लोगों के मुताबिक गन्ने के खेत में युवती को मारने के बाद करीब 20 मिनट तक तेंदुआ शव के पास बैठा रहा। लोगों को शोर सुनकर वह भागा। हालांकि जंगल की ओर से जाने के पदचिह्न नहीं दिखाई दे रहे हैं।
बढ़या मुश्किल टोला गठीहवा निवासी आबिद अली घटना का जिक्र करते हुए फफक पड़े। उन्होंने बताया कि चार बेटे खुरशेद, रमजान, मैनुद्दीन, कयामुद्दीन के बाद इकलौती बेटी शैरुन निशा (20) थी। चारों बेटों की शादी हो चुकी है। पत्नी नूरजहां जानवरों के लिए चारा लेने गांव के पूरब सिवान बंधे की ओर गई थी। काफी देर बाद भी घर नहीं लौटी तो बेटी घर का काम निपटा कर उसे ढूंढने गई थी। अभी वह गांव से करीब एक किलोमीटर दूर बंधे के करीब पहुंची थी कि घात लगाकर बैठे तेंदुए ने हमला कर उसे मार डाला। बेटी की चीख सुन कुछ दूरी पर मौजूद लोग गन्ने के खेत के पास पहुंचे तो शैरुन लहूलुहान अवस्था में मिली। लेकिन काफी देर होने के चलते बेटी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। ग्रामीणों ने शैरुन को निचलौल सीएचसी पहुंचाया, डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शैरुन निशा की मां नूरजहां का रो-रोकर बुरा हाल है।
थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार वर्मा के अनुसार वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल से लेकर अस्पताल तक पहुंची थी। परिजनों से वारदात की जानकारी लेकर वन विभाग की टीम के साथ जांच-पड़ताल में जुट गई है। युवती के शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। मौके कर शांति व्यवस्था बनी हुई है।
पांच महीने बाद शैरुन निशा की होने वाली थी शादी
पिता आविद अली ने बताया कि चारों बेटे शादी होने के बाद अपने परिवार के साथ अलग रहते हैं। जबकि वह पत्नी नूरजहां और बेटी शैरुन निशा के साथ रहते थे। बेटी पढ़ाई-लिखाई नहीं करती थी। घर का काम काज करती थी। उनके पास करीब 90 डिसमिल भूमि है। बेटी शैरुन निशा की शादी की तैयारी में जुटे थे। पांच महीने बाद बेटी शैरुन निशा की शादी होने वाली थी।
गले पर दो जगह दांत के निशान
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल के इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डॉ. शांति विजय मिश्रा के मुताबिक तेंदुए ने युवती का शिकार करने के दौरान गले पर पंजे से कई बार वार किया है। युवती के गले दो दाहिने तरफ और एक बाएं तरफ तेंदुए के दांत के निशान हैं। सिर के पीछे से खून निकल रहा था। सिर से नीचे युवती के शरीर पर कहीं भी चोट के निशान नहीं थे। माना जा रहा है कि तेंदुआ ने सबसे पहले गले पर ही वार किया था। तेंदुए के पंजे के वार से युवती खून से लथपथ हो गई थी।
सूचना पर रास्ते में ही बदहवास हो गए पिता
गांव के जाहिद ने बताया कि आविद किसी काम को लेकर निचलौल शहर आए हुए थे। वह देर शाम को घर लौट रहे थे। अभी वह शहर से निकल कुछ ही दूर पहुंचे थे। इसी बीच उन्हें सूचना मिली कि बेटी शैरुन निशा पत्नी नूरजहां को ढूंढने के लिए गांव के पूरब बंधे के किनारे खेत की ओर निकली थी। इस दौरान तेंदुआ हमला कर बेटी को मार डाला है। सूचना मिलते ही आविद बदहवास होकर सड़क किनारे बैठ गए।
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मानव वन्यजीव संर्घष से बचाव को लेकर ठोस पहल नहीं, जीवन पर संकट
तमाम लोग हमले का शिकार होने के बाद आज भी दहशत में रहते
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले में 342 वर्ग किलो मीटर के वन क्षेत्र में जंगली जीव जंतु अच्छी संख्या में हैं। अक्सर वे बाहर आकर लोगों पर हमला कर देते हैं। उनके हमले में न जाने कितने लोग जान गवां चुके हैं। तमाम लोग हमले का शिकार होने के बाद आज भी दहशत में रहते हैं। हैरत की बात है कि वन क्षेत्र से घिरे महराजगंज में मानव वन्यजीव संर्घष से बचाव को लेकर ठोस पहल नहीं हुई।
निचलौल कस्बे से चमनंगज पुल से आगे बढ़ने पर ढेसो गांव का पुल मिला। यह गांव जंगल के करीब है। यहां अक्सर तेंदुए आबादी की ओर से आते रहते हैं। लोग कहते हैं कि जंगल के किनारे तार बाड़ नहीं लगाया गया है। तेंदुए कभी मानव तो कभी पशुओं को निवाला बना लेते हैं। गांव के किनारे कुछ लोग मिले। गांव के देवेंद्र कुमार ने कहा कि वन्य जीवों से सुरक्षा क्षेत्र का बड़ा मुद्दा है लेकिन दुर्भाग्य की बात है इस पर किसी की नजर नहीं है। रामलाल ने कहा कि तारबाड़ लग जाता तो अच्छा रहता।
नौतनवा तहसील क्षेत्र का सेमरहवा गांव भी जंगल के करीब बसा है। यहां भी वन्य जीवों ने कई बार हमला कर लोगों को मारा डाला है। बात 11 सिंतबर 2023 की है। सुबह का वक्त था। नगवा बीट के जंगल के पास बसे गांव सेमरहवा की रहने वाली शारदा देवी सुबह 10 बजे अपने खेत में निराई करने पहुंचीं थीं। आसपास के खेतों में भी लोग निराई कर रहे थे। जंगल से अचानक तेंदुआ निकलकर सीधे शारदा देवी के खेत में पहुंचा। जब तक वह भागने की कोशिश करतीं, तेंदुए ने उनको दबोच लिया था।
वन विभाग की गणना में 67 तेंदुए
महराजगंज। पूर्वांचल का जिम कार्बेट माने जाने वाले सोहगीबरवा में एक साल पहले हुई गणना के मुताबिक तेदुओं की कुल संख्या 67 बताई जाती है। वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग की ओर से हर संभव कोशिश की जा रही है। बिहार के वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व के वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर में शामिल है। तीनों वन क्षेत्र एक-दूसरे से सटे हैं। नेपाल के चितवन पार्क से गैंडा, भालू यहां आते रहते हैं। वाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व के बाघों की यहां साइटिंग होती रहती है।
वर्जन
जलवायु परिवर्तन, मानवीय गतिविधियों में वृद्धि आदि कई कारणों से साल दर साल वन क्षेत्र कम होता जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप प्राकृतिक संसाधन कम हो रहे हैं जो जंगली जानवरों का भोजन हैं। इसलिए वे भोजन की तलाश में अपने क्षेत्र से बाहर जाते हैं। वन क्षेत्र में इनके लिए पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।
-रविंद्र त्रिपाठी, सदस्य, वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूटीआई)
तेंदुए ने कब और कहां किया हमला
-28 दिसंबर 2016 को मोहम्मदा गांव में तेंदुए ने हमला किया। गांव के 12 लोग हमले में घायल हुए थे।
-29 दिसंबर 2016 को पनियरा थाना क्षेत्र के सुचितपुर बघौना गांव में तेंदुए ने दो लोगों पर हमला कर दिया।
-19 दिसंबर 2017 को थाना क्षेत्र कोल्हुई के ग्राम सभा लक्ष्मीपुर कैथवलियां में घुसकर तेंदुआ तीन लोगों को घायल कर दिया था।
-24 मई 2018 को ग्राम पंचायत जमुहानी में तेंदुए ने चार लोगों को घायल किया।
-15 सितंबर 2018 को जंगल से सटे गांव ओबरी के रहने वाले मंहगू भारती (60) को खेत की रखवाली करने के दौरान तेंदुए ने दबोच लिया था।
-1 अप्रैल 2021 गेड़हरुआ वन चौकी क्षेत्र के ग्राम सभा पटखौली में घास काटने गए केदार (60), जफरेली 40 को तेंदुए ने घायल कर दिया था।
-17 अप्रैल 2021 लक्ष्मीपुर रेंज के पिपरा सोहट के मैरी गांव में तेंदुए ने खेत में काम कर रहे दो किसानों को घायल कर दिया था।
-8 अगस्त 2020 को ग्राम सभा बड़हरा चरगहां में झोपड़ी की टाट को फाड़ कर तेंदुआ अंदर घुस गया और घर में बंधी बकरी पर हमला कर उसे अपना शिकार बना लिया।
-25 अप्रैल 2020 को जंगल से सटे गांव बड़हरा चरगहा के टोला छावनी निवासी विनोद चौहान के झोपड़ी में बंधी एक बकरी को तेंदुआ मार जंगल में उठा ले गया था।
-26 मई 2020 को निचलौल रेंज के उत्तरी बीट से सटे रामचन्द्रही में केले के खेत में संदीप, राजन, सुदर्शन, गजेंद्र मौर्य, गणेश गौंड़ गंभीर रूप से घायल हुए थे।
-28 नवंबर 2021 को बरतानी टोला के एक बालक को मार डालने के साथ ही रात में ही गाय को घायल कर दिया।