‘ठीक से करें प्रत्याशियों के खर्च का आंकलन’
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महराजगंज। भारत निर्वाचन आयोग की तरफ से नियुक्त व्यय प्रेक्षक राजेश कात्याल ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आचार संहिता के अनुपालन के लिए गठित विभिन्न टीमों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को नामांकन से लेकर चुनाव परिणाम घोषित होने तक प्रत्याशियों के खर्च का ठीक ढंग से आंकलन करने की िहदायत दी।
उन्होंने कहा कि लोकसभा सामान्य निर्वाचन 2019 को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए सभी अधिकारी निष्पक्षतापूर्वक कार्य करें। सभी सहायक व्यय प्रेक्षक रजिस्टर में उम्मीदवार के व्यय का वितरण अंकित करें। निर्धारित तिथि पर उम्मीदवार द्वारा प्रस्तुत व्यय रजिस्टर से उसका मिलान करें। उन्होंने अधिकारियों को जानकारी दी कि वीडियो सर्विलांस टीम प्रत्याशियों की तरफ से आयोजित कार्यक्रमों, जुलूस, रैली में खर्च का अवलोकन कर ब्योरा रजिस्टर में दर्ज कर रिपोर्ट सहायक व्यय प्रेक्षक को देंगे। उन्होंने बताया कि चुनाव प्रचार में खर्च के लिए सभी आवश्यक मदों के मूल्य एवं किराया का निर्धारण कर दिया गया है। इसकी एक-एक प्रति उम्मीदवार को नामांकन के समय उपलब्ध कराई जाएगी। उम्मीदवार भी इस दर से अपने खर्च का विवरण रजिस्टर में दर्ज करेंगे। उन्होंने बताया कि उम्मीदवार लोकसभा चुनाव में अधिकतम 70 लाख रुपये खर्च कर सकते हैं। दस हजार से अधिक नकद व्यय नहीं करेंगे। इससे अधिक व्यय का चेक या ड्राफ्ट से भुगतान करेंगे। प्रत्याशियों को उम्मीदवारी घोषित होने के बाद तथा मतदान के पूर्व तीन बार अपना व्यय रजिस्टर दिखाना होगा। इसकी तिथि अलग से सूचित की जाएगी। सभी अधिकारी प्रत्येक विवरण का साफ्ट व हार्ड कापी सुरक्षित रखें। परिणाम घोषित होने के एक महीने के अंदर संपूर्ण व्यय का पुन: आंकलन करके रिपोर्ट आयोग को भेजी जाएगी। किसी प्रकार की दिक्कत होने पर उन्हें अथवा व्यय अनुवीक्षण के नोडल अधिकारी को अवगत कराएं। प्रभारी वरिष्ठ कोषाधिकारी रमेश पांडेय ने विभिन्न टीमों को आयोग के निर्देशों के बारे में अवगत कराया। बैठक में अपर जिलाधिकारी कुंज विहारी अग्रवाल, उड़नदस्ता, वीडियो निगरानी, वीडियो अवलोकन, थाना निगरानी, व्यय लेखा आदि टीमों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।