महराजगंज। शारदीय नवरात्र का पावन पर्व चल रहा है। मां की पूजा आराधना कर रहे हैं। जगह-जगह माता रानी की मूर्ति स्थापना भी हो चुकी है, ऐसी स्थिति में नवरात्र की अष्टमी और नवमी को कन्या पूजन भी किया जाता है। इस वर्ष शारदीय नवरात्र की शुरुआत तीन अक्तूबर से शुरू है, जिसका समापन 12 अक्तूबर को होगा। मां पीतांबरा जनकल्याण ज्योतिष केंद्र के ज्योतिषी आचार्य दिवाकर मणि त्रिपाठी ने बताया कि ऋषिकेश पंचांग के अनुसार शारदीय नवरात्र की अष्टमी एवं महानवमी तिथि जिसे महागौरी व सिद्धिदात्री के दिन के लिए भी जाना जाता है। इस बार महानिशा पूजा बृहस्पतिवार की अर्धरात्रि में व अष्टमी और नवमी तिथि दोनों एक ही दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा। कन्या पूजन के बाद ही नवरात्रि व्रत का संपूर्ण फल प्राप्त होता है, तो ऐसी स्थिति में कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त 11 अक्तूबर को सुबह 6:52 से दूसरे दिन भोर में 5:47 पूरा दिन और पूरी रात तक नवमी होने के कारण कन्या पूजन सुबह में करें तो अच्छा बाकी पूरे दिन कभी भी किया जा सकता है। इस तरह अपने कुल परंपरा के अनुसार जो लोग नवमी में पारण करते हैं, वह 11 अक्तूबर को रात्रि में व जो दशमी में पारण करते हैं, वह 12 अक्तूबर को दोपहर तक कर सकते हैं। संवाद