नौतनवा। नगर के पड़ाव में श्री रामलीला कमेटी की ओर से रामलीला मंचन में शनिवार को मुनि आगमन से लेकर ताड़का वध की प्रस्तुति की गई। इस दौरान जय श्रीराम के नारों से पूरा पंडाल गुंजायमान हो उठा।
कलाकारों ने प्रस्तुत किया कि ताड़का के अत्याचार से परेशान महर्षि विश्वामित्र राजा दशरथ के दरबार जाकर कहते हैं कि एक राक्षसी से पूरा समाज भयभीत है। वह जप, तप और यज्ञ इत्यादि भी नहीं करने देती। यज्ञ की रक्षा के लिए राम और लक्ष्मण को मैं लेने आया हूं। राजा दशरथ दुखी हो जाते हैं और राम-लक्ष्मण के कोमल होने का हवाला देते हुए उन्हें भेजने से मना कर देते हैं। दशरथ और विश्वामित्र के बीच बढ़ते क्रोध के दौरान ही वशिष्ठ मुनि पहुंच जाते हैं और राजा दशरथ को समझाते हुए राम और लक्ष्मण को विश्वामित्र के साथ विदा कर देते हैं। रास्ते में ही भगवान राम ताड़का का वध कर देते हैं। मंचन देख प्रभु के जयकारों से पूरा पंडाल गूंज उठता है। कमेटी के अध्यक्ष लालमन जायसवाल एवं संरक्षक राजाराम जायसवाल, सुधाकर जायसवाल, नंदलाल जायसवाल, राजेश लोहिया, शिवकुमार शर्मा, ओम प्रकाश वर्मा, रामरूप, कमलेश अग्रवाल, विनोद पटवा मौजूद रहे। संवाद